देव उत्थापनि एकादशी






विश्व का भरण पोषण करने वाले भगवान् विष्णु वैसे तो क्षण भर का भी विश्राम नहीं करते ,किंतु भारतीय संस्कृति ने देह एवं देव में विभेद न करते हुए समग्र पूजन-अर्चन-वंदन को एक सूत्र में आचरण के लिए निर्देशित