International Conference on Information and Communication Technology For Competitive Strategies – ICTCS 2014

A three days International Conference on INFORMATION AND COMMUNICATION TECHNOLOGY FOR COMPETITIVE STRATEGIES was organized in association with Computer Society of India, Udaipur Chapter & The Institution of Engineer (India), Udaipur Local Centre, at Sunrise Group of Institutions, Udaipur, Rajasthan.

 

ICTCS 2014

 

Dr. Pushpendra Singh (Principal, Sunrise Group of Institutions) congratulated the organizers and expressed his satisfaction over the excellent conduct of the conference. Mr. Amit Joshi (honorary Secretary, CSI- Udaipur Chapter) and Organising Secretary, ICTCS-2014 briefed about the schedule of the three day conference ICTCS 2014. He also told that in this international conference authors from U.S.A., U.K., Canada, Australia and Netherlands will present their papers.

The inaugural session started with the views of respected chief guest Dr. Shrinivas Padmanabhuni (Associate Vice President, Infosys Labs and President, ACM-India). He emphasized on the ICT computation, ICT engineering application. He also encouraged students to become entrepreneurs and to use their talent in technical fields.

 

ICTCS 2014

 

The keynote speakers were Prof. Pawan Lingras, (Prof, St. Mary University, Canada) and Mr. Jacob Glas (Head of Mission (NBSO), Netherlands) who shared their ideas on importance of ICT on international platforms. Special Guest Dr. Chandana Unnithan (Deakin University, Australia) guest of honour Dr. Durgesh Kumar Mishra (Chairman, Division IV, CSI) also graced the session.

The inaugural function ended with views of Mr. Himashu Jain (Director, Sunrise Group of Institutions, Udaipur) who also presented vote of thanks. He informed that the conference will be held in 15 similar technical sessions. On 14 November, 2014 the first preliminary session was held in which Dr. Pravin Ranjan Shrivastav, IIM and Dr. Mushtaq Ahmed, MNIT, Jaipur presented their research papers.

Mr. Harish Rajani congratulated and thanked CSI, Udaipur chapter, and Institution of Engineers along with Sunrise Group’s Team for organizing such a beneficial conference for students.

 

DSC_4392 ICTCS 2014 ICTCS 2014 ICTCS 2014

 

सनराईज प्रिमीयर लीग – दो दिवसीय प्रतियोगिता का समापन हुआ

सनराईज ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूषं- उदयपुर के अन्तर्गत सनराईज प्रिमीयर लीग क्रिकेट कि दो दिवसीय प्रतियोगिता का समापन आरसीए ग्राउण्ड में आज दिनांक- 22.02.2014 को हुआ। प्रतियोगिता का षुभारम्भ संस्थान के चेयरमैन श्री हरीष राजानी, निदेषक हिमांषु जैन, प्राचार्य श्री गजंफर अली एवं सनराईज नर्सिंग काॅलेज के प्राचार्य श्री योगेष उपाध्याय द्वारा किया गया। सेमी फाईनल प्रथम मैच डिप्लोमा मैकेनिकल एवं बीटेक प्रथम वर्श व द्वितीय मैच डिप्लोमा इलेक्ट्रिकल एव ंबीटेक इलेक्ट्रिकल में हुआ । जिसमें विजेता टीम डिप्लोमा मैकेनिकल व डिप्लोमा इलेक्ट्रिकल रही। फाइनल मैच मे सनराईज प्रिमीयर लीग क्रिकेट प्रतियोगिता कि विजेता टीम इलेक्ट्रिकल रही। विजेता टीम कि तरफ से विनोद कुमार खोईवाल ने षानदार बल्लेबाजी करते हुए सर्वाधिक 109 रन बनाये। इलेक्ट्रिकल ने निर्धारित 12 ओवरों में 138 रनों का लक्ष्य दिया जिसमें लक्ष्य का पीछा करते हुए डिप्लोमा मैकेनिकल टीम 122 रन पर ही सीमट गई।

SPL

SPL

SPL

IMG-20140222-WA0018

विजेता टीम – डिप्लोमा इलेक्ट्रिकल
रनर अप टीम – डिप्लोमा मैकेनिकल
मैन आॅफ द सीरीज – विनोद कुमार खोईवाल
मैन आॅफ द मैच – विनोद कुमार खोईवाल

उक्त सेमीफाईनल एवं फाईनल मैच में भाग लेने हेतु विद्यार्थियों को उत्साह बहुत अधिक देखा गया।
खेल सप्ताह के अंतर्गत कब्बड्ी टी़टी़ वालीबॅाल व षतरंज आदि प्रतियोगिताओं में भी छात्र-छात्राओं ने अत्यधिक उत्साह से भाग लिया।

सनराइज और यु. के. की वोल्वर्हेम्प्टन युनिवर्सिटी के बीच शैक्षणिक करार

शैक्षिक स्तर को और बढ़ाने के लिए सनराइज इंजीनियरिंग कोलेज ने युनिवर्सिटी ऑफ वोल्वर्हेम्प्टन, यु.के. के साथ एमओयू साइन किया। इसके तहत सनराइज के विद्यार्थी अपना अंतिम वर्ष युनिवर्सिटी ऑफ वोल्वर्हेम्प्टन मे अध्ययन कर सकेंगे । एमओयू के अंतर्गत सनराइज इंजीनियरिंग कोलेज के सिविल डिपार्ट्मेंट के छात्र तीन वर्ष मे इंजीनियरिंग पूर्ण कर अंतिम वर्ष लंदन की विभिन्न कम्पनीओ मे पैड इंटर्नशिप कर सकेंगे और मेकेनिकल डिपार्ट्मेंट के छात्र अपने कोर्स के चतुर्थ वर्ष युनिवर्सिटी ऑफ वोल्वर्हेम्प्टन, यु.के. मे अध्ययन कर सकेंगे व विभिन्न कम्पनियो मे इंटर्नशिप कर सकते हैंl कोर्स के अंत मे विद्यार्थियों को युनिवर्सिटी ऑफ वोल्वर्हेम्प्टन, यु.के. की तरफ से भी डिग्री मिलेगीl

Sunrise Group Udaipur

इस एमओयु के अंतर्गत दोनो संस्थाये फैकल्टी व विभिन्न शोध कार्यो के विकास के लिये विभिन्न कार्यशालाओ और सेमिनार का आयोजन करेगी तथा युनिवर्सिटी ऑफ वोल्वर्हेम्प्टन, यु.के की फेकल्टी भी सनराइज इंजीनियरिंग कोलेज मे आयेगीl

युनिवर्सिटी ऑफ वोल्वर्हेम्प्टन,यु.के. की तरफ से कंट्री हैड श्री प्रग्यात सिह ने सनराइज इंजीनियरिंग कोलेज की विभिन्न प्रयोगशालाओ व कोलेज की विभिन्न सुविधाओ को देखा और मेकेनिकल और सिविल डिपार्ट्मेंट की फेकल्टी के साथ तालमेल से शैक्षणिक व शोध कार्यो पर विचारो का आदान-प्रदान कियाl और दोनो प्रतिनिधियो ने वोल्वर्हेम्प्टन के बारे में बताया कि वोल्वर्हेम्प्टन,ब्रिटैन का नया इंडस्ट्रियल हब बन रहा हैं जहाँ जगुआर,BMW आदि अनेक ओटोमोबाइल कम्पनीया निवेश कर रही हैं जिससे भविष्य मे रोजगार की अपार सम्भावना होगी l व छात्रो के 15-30 लाख सालाना के पैकेज मिल सकेंगे l

Sunrise Udaipur

सनराइज इंजीनियरिंग कोलेज की ओर से निदेशक हिमांशु जैन के निर्देशन मे संस्था प्रधान गजनफर अली ने एमओयु पर हस्ताक्षर किये l
सनराइज इंजीनियरिंग कोलेज के सिविल डिपार्ट्मेंट से गौरव शर्मा और युनिवर्सिटी ऑफ वोल्वर्हेम्प्टन के श्री प्रग्यात सिह ने एमओयु के आधार पर प्रजेंटेशन दिया और भविष्य मे इस सम्बंध को आगे बढाने के लिये ओफश्योर केम्पस पर भी विचार किया गयाl

युनिवर्सिटी ऑफ वोल्वर्हेम्प्टन के प्रतिनिधियो ने सनराइज ग्रुप के चैयरमेन श्री हरीश जी राजानी से भी मुलाकात की और परस्पर सहयोग से शैक्षणिक व शोध कार्य करने पर जोर दिया और प्रतिनिधियो ने मेकेनिकल और सिविल विभाग की सुविधाओ पर खुशी जाहिर कीl

स्टुडेंट डवलपमेंट सेल के कोर्डिनेटर श्री प्रतिक जैन ने विधार्थियो के सर्वांग़िण विकास हेतु सनराइज इंजीनियरिंग कोलेज मे चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियो का प्रजेंटेशन के माध्यम से बाहर से आये प्रतिनिधियो को अवगत करायाl

उधमिता विकास प्रकोष्ठ के लिये युनिवर्सिटी ऑफ वोल्वर्हेम्प्टन के प्रतिनिधियो ने एक ज्वाइंट ग्रुप के निर्माण पर जोर दिया ताकि इस विषय पर ज्यादा से ज्यादा विधार्थियो को प्रेरित किया जा सकेl शोधकर्ताओं को भी शैक्षिक भ्रमण पर भेजा जाएगा।

युनिवर्सिटी ऑफ वोल्वर्हेम्प्टन के साथ करार कराने में एस्टन के अभिनव जी का योगदान रहाl