सी.टी. ए. ई. में कृषि अभियान्त्रिकी के 48वें राष्ट्रीय अधिवेषन का समापन

न्यूनतम जुताई से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सभंव

उदयपुर, 23 फरवरी. सी.टी.ए.ई सभागार में भारतीय कृषि अभियन्ता परिषद् के 48 वें राष्ट्रीय अधिवेषन एंवम संरक्षित कृषि में अभियान्त्रिकी सहभागिता पर तीन दिवसीय संगोष्ठी का आज समापन हुआ। इस राष्ट्रीय अधिवेषन में अमरीका, कनाडा, जापान, आस्ट्रेलिया आदि देषों के अभियान्त्रिकी विषेषज्ञों ने षिरकत की तथा भविष्य की कार्य योजनाऐं बनाने के लिये चर्चाओं में अपने अनुभवों साझा किए।

Gulab Chand Kataria

समापन समारोह में मुख्य अतिथी, माननीय गुलाब चन्द जी कटारिया, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मन्त्री, राजस्थान सरकार ने ग्रामीण भारत के सषक्तिकरण एवं विकास में कृषि अभियन्ताओं को सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होनें सदन को मार्गदर्षन देते हुऐ पंचायती राज्य के माध्यम से ग्रामीण विकास व कृषि में अनोखी पहल करने का भी उल्लेख किया। ग्राम विकास के लिये गाँवो का सक्षक्तिकरण कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों के केन्द्र के रुप में विकसित करने की आवष्यकता पर बल दिया।

उन्होनें कहा कि हमारे कृषि अभियन्ता व कृषि विषेशज्ञ देष के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की नई सम्भावनाऐं ढूढं़े ताकि ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन रुक सके। उन्होनें कृषि अभियन्ताओं से खाद्य एवं प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन,जल प्रंबधन आदि क्षेत्रों में अन्वेषण के लिये कार्य करने को कहा। कृषि अभियन्ताओं के कार्यांे की सराहना करते हुऐ उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों की जरुरतों के अनुसार तकनीकी संवर्धन एवं प्रौद्योगिकी का विकास करने पर बल दिया।

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समारोह के अध्यक्ष एम.पी.यू.ए.टी. के कुलपति प्रो. ओ. पी. गिल ने कहा कि विभिन्न जुताई पद्वतियाॅं, फसल उपज का बेहतर प्रंबधन एवं प्रक्रम, फसल अवषेषों के निस्तारण एवं रोपण पद्वतियां एवं कृषि की विभिन्न प्रक्रियाओं में न्यूनतम ऊर्जा खपत को ध्यान में रखते हुऐ कृषि अभियन्ताओं को ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में सहभागिता बढ़ानी चाहिये। विभिन्न कृषि क्रियाओं में ऊर्जा खपत को कम करके जल एवं पोषक तत्वों को संरक्षित करना एवं प्राकृतिक स्त्रोतों एवं पर्यावरण की रक्षा करना वर्तमान में एक बड़ी चुनौती है।
”हरित – क्रान्ति“ काल में मुख्य अनुसंधान और विकास प्रयासों का केन्द्र था चयनित खाद्य अनाज व अन्य फसलों का उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाना किन्तु वर्तमान में नई मुष्किलों की मांग उत्पादकता एवं मुद्दे हैं स्त्रोतों का दक्ष उपयोग और उनके बचाव की उच्च प्राथमिकता जिससे संभालते हुऐ आगे बढ़ाकर उद्गम आवष्यकताओं की पूर्ति की जाये। विष्विद्यालय में अनेक यांत्रिक आर्दष व औजार विकसित किये हैं जिसमें से कई प्रदर्षन घर में रखे हैं। कुछ आर्दष उत्पादन इकाइयों तक पंहुच कर किसानों को लाभान्वित कर रहे हैं।
भारतीय कृषि अभियन्ता परिषद् नई दिल्ली के अध्यक्ष डा. वी. एम. मियान्दे ने अपने उदबोधन में संरक्षित कृषि में अभियन्ताओं की सहभागिता पर विषेष आग्रह करते हुए कहा कि द्वितीय हरित क्रान्ति की रुपरेखा में बढ़ती हुई जनसंख्या के लिये अनाज उत्पादन में कृषि अभियन्ताओं का विषेष योगदान रहेगा। उन्होनें कहा कि भारतीय कृषि में विषमताओं को देखते हुए कृषि अभियन्ताओं के सामने बड़ी चुनौतियाँ है। देष के लघु एवम् मध्यम जोत वाले किसानांे तक तकनीकी हस्तान्तरण के साथ ही सामाजिक, अभियान्त्रिकी एवं तकनीकी सिफारिषों को सही प्रकार से लागू करने की आवष्यकता है।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में प्रौद्यागिकी एवं अभियांत्रिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता एवं संगोष्ठी के संयोजक डा. बी.पी. नन्दवाना ने सभी आगुन्तकों का स्वागत किया एवं महाविद्यालय की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने पर वर्ष पर्यन्त आयोजित किये जाने वाले एवमं महाविद्यालय के 50 वर्शो की उपलब्धियों की जानकारी देते हुऐ बताया कि भारतीय कृषि अभियन्ता परिषद् के 48 वें वार्षिक अधिवेषन के तहत आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी ‘‘संरक्षित कृषि में अभियान्त्रिकी सहभागिता‘‘ में कुल 15 तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया। इसमें फार्म मषीनरी एवं पावर के 2,खाद्य व डेयरी अभियान्त्रिकी के 2, नवीनतम ऊर्जा स्त्रोतों के 2 एवं जल मृदा सरंक्षण के 6 सत्रों में लगभग 200 अनुसंधान पत्रों का वाचन एवं चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त विद्यार्थीयों द्वारा प्रस्तुत षोध पत्र वाचन पर एक विषेश तकनीकि सत्र एवं एक सत्र पोस्टर पत्रों का आयोजित हुआ। उन्होने बताया कि इन सत्रों में देष विदेष से आये 200 से ज्यादा वैज्ञानिकों एवं अध्यापकों ने गहन चर्चा की ।
वार्षिक अधिवेषन के आयोजन के सहसचिव डा. अभय मेहता ने धन्यवाद ज्ञापित किया एवं कार्यक्रम का संचालन डा. दीपक षर्मा, प्राध्यापक एवं अध्यक्ष, नवीनीकरण ऊर्जा अभियान्त्रिकी विभाग ने किया। इस अवसर पर अमेरिका के डाॅ. ललित वर्मा, डाॅ. धरमेन्द्र सारस्वत, डाॅ. रमेष एस. तँवर, आस्ट्रेलिया के डाॅ. बसन्त महेष्वरी, जापान के

किषिड़ा, कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड, नई दिल्ली के सदस्य डाॅ. वी.एन. षारदा, डाॅ. नवाब अली, पूर्व उप महानिदेषक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद डाॅ. के.के. सिंह सहायक महानिदेषक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली, पंतनगर (उत्तराखण्ड) के राष्ट्रीय प्रोफेसर डाॅ. टी.सी. ठाकुर एवं आई. आई. टी. खड़गपुर के डाॅ. वी. के. तिवारी भी उपस्थित थे।

कटारिया ने ली शपथ -23 दिसम्बर को भव्य विजयी जुलूस निकाला जाएगा

उदयपुर 20 दिसम्बर 2013। भारतीय जनता पार्टी के वरीष्ठ नेता उदयपुर शहर विधायक गुलाबचन्द कटारिया के केबिनेट मंत्री बनने पर आयोजित शपथ-ग्रहण समारोह में उदयपुर से कई भाजपा पदाधिकारियों ने भाग लिया।

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भाजपा मीडिया प्रभारी ने बताया कि उदयपुर से पूर्व प्रदेश मंत्री प्रमोद सामर, शहर जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट, देहात जिलाध्यक्ष सुन्दरलाल भाणावत, महापौर रजनी डांगी, उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, खेरवाड़ा विधायक नानालाल अहारी, युवा मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, गिर्वा मण्डल अध्यक्ष तख्तसिंह शक्तावत सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकत्र्ताओं ने जयपुर में आयोजित शपथ-ग्रहण में भाग लिया एवं कटारिया सहित सभी केबिनेट मंत्रियों को बधाईयां एवं शुभकामनाएं प्रेषित की।
पूर्व प्रदेश मंत्री प्रमोद सामर ने बताया कि गुलाबचन्द कटारिया दिनांक 22 दिसम्बर को मंत्री बनने के बाद पहली बार उदयपुर आऐंगे। कटारिया 22 को प्रातः 6 बजे रेल्वे स्टेशन पर पहुचेंगे जहां पर कार्यकर्ता एवं पदाधिकारियों द्वारा उनका भव्य स्वागत एवं अभिनन्दन किया जाएगा।
शहर जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट ने बताया कि दिनांक 23 दिसम्बर को उदयपुर शहर में कटारिया का भव्य विजयी जुलूस निकाला जाएगा।
ृउदयपुर शहर से कई भाजपा कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने कटारिया के केबिनेट मंत्री बनने पर हर्ष व्यक्त किया एवं आतिशबाजी की। भाजपा पदाधिकारी एससी मोर्चा जिलाध्यक्ष रमेश जीनगर, प्रभारी प्रहलाद चैहान, मीडिया सहप्रभारी राकेश शर्मा, ओबीसी प्रभारी देवेन्द्र साहू, मण्डल अध्यक्ष नानालाल बया, शंभूलाल जैन, भैरूसिंह देवड़ा, ओम चित्तौड़ा, भंवर पालीवाल, दिनेश गुप्ता ने भी कटारिया के मंत्री बनने पर हर्ष व्यक्त करते हुए बधाईयां एवं शुभकामनाएं प्रेषित की।

हम आगे-आगे और सोनिया गांधी पीछे-पीछे – वसुन्धरा राजे

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा है कि हमारी सुराज संकल्प यात्रा आगे-आगे और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी पीछे-पीछे। हमारी यात्रा से कांग्रेस इतनी डरी हुई है कि हमने नागौर जिले में ये घोषणा की कि हम प्रदेश को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवायेंगे तो कांग्रेस सोनिया गांधी को जायल ले आई और उस पेयजल योजना का शिलान्यास करवा दिया जो हमारी पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की थी। इसी तरह सुराज संकल्प यात्रा के दौरान ही सूरतगढ़ में जब मैंने प्रदेश में घरेलू बिजली 24 घण्टे देने का जनता से वादा किया तो उसके बाद वहां भी सोनिया गांधी को लाकर सुपर थर्मल क्रिटिकल पावर स्टेशन का शिलान्यास करवा दिया। उन्होंने कहा कि हमारी सुराज संकल्प यात्रा नहीं निकलती तो साढे चार साल से सोई ये सरकार जागती ही नहीं।Suraj Sankalp Yatra BJP

Suraj Sankalp Yatra BJPइसी तरह सुराज संकल्प यात्रा के दौरान ही सूरतगढ़ में जब मैंने प्रदेश में घरेलू बिजली 24 घण्टे देने का जनता से वादा किया तो उसके बाद वहां भी सोनिया गांधी को लाकर सुपर थर्मल क्रिटिकल पावर स्टेशन का शिलान्यास करवा दिया। उन्होंने कहा कि हमारी सुराज संकल्प यात्रा नहीं निकलती तो साढे चार साल से सोई ये सरकार जागती ही नहीं।