सी.टी. ए. ई. में कृषि अभियान्त्रिकी के 48वें राष्ट्रीय अधिवेषन का समापन

न्यूनतम जुताई से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सभंव

उदयपुर, 23 फरवरी. सी.टी.ए.ई सभागार में भारतीय कृषि अभियन्ता परिषद् के 48 वें राष्ट्रीय अधिवेषन एंवम संरक्षित कृषि में अभियान्त्रिकी सहभागिता पर तीन दिवसीय संगोष्ठी का आज समापन हुआ। इस राष्ट्रीय अधिवेषन में अमरीका, कनाडा, जापान, आस्ट्रेलिया आदि देषों के अभियान्त्रिकी विषेषज्ञों ने षिरकत की तथा भविष्य की कार्य योजनाऐं बनाने के लिये चर्चाओं में अपने अनुभवों साझा किए।

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समापन समारोह में मुख्य अतिथी, माननीय गुलाब चन्द जी कटारिया, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मन्त्री, राजस्थान सरकार ने ग्रामीण भारत के सषक्तिकरण एवं विकास में कृषि अभियन्ताओं को सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होनें सदन को मार्गदर्षन देते हुऐ पंचायती राज्य के माध्यम से ग्रामीण विकास व कृषि में अनोखी पहल करने का भी उल्लेख किया। ग्राम विकास के लिये गाँवो का सक्षक्तिकरण कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों के केन्द्र के रुप में विकसित करने की आवष्यकता पर बल दिया।

उन्होनें कहा कि हमारे कृषि अभियन्ता व कृषि विषेशज्ञ देष के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की नई सम्भावनाऐं ढूढं़े ताकि ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन रुक सके। उन्होनें कृषि अभियन्ताओं से खाद्य एवं प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन,जल प्रंबधन आदि क्षेत्रों में अन्वेषण के लिये कार्य करने को कहा। कृषि अभियन्ताओं के कार्यांे की सराहना करते हुऐ उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों की जरुरतों के अनुसार तकनीकी संवर्धन एवं प्रौद्योगिकी का विकास करने पर बल दिया।

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समारोह के अध्यक्ष एम.पी.यू.ए.टी. के कुलपति प्रो. ओ. पी. गिल ने कहा कि विभिन्न जुताई पद्वतियाॅं, फसल उपज का बेहतर प्रंबधन एवं प्रक्रम, फसल अवषेषों के निस्तारण एवं रोपण पद्वतियां एवं कृषि की विभिन्न प्रक्रियाओं में न्यूनतम ऊर्जा खपत को ध्यान में रखते हुऐ कृषि अभियन्ताओं को ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में सहभागिता बढ़ानी चाहिये। विभिन्न कृषि क्रियाओं में ऊर्जा खपत को कम करके जल एवं पोषक तत्वों को संरक्षित करना एवं प्राकृतिक स्त्रोतों एवं पर्यावरण की रक्षा करना वर्तमान में एक बड़ी चुनौती है।
”हरित – क्रान्ति“ काल में मुख्य अनुसंधान और विकास प्रयासों का केन्द्र था चयनित खाद्य अनाज व अन्य फसलों का उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाना किन्तु वर्तमान में नई मुष्किलों की मांग उत्पादकता एवं मुद्दे हैं स्त्रोतों का दक्ष उपयोग और उनके बचाव की उच्च प्राथमिकता जिससे संभालते हुऐ आगे बढ़ाकर उद्गम आवष्यकताओं की पूर्ति की जाये। विष्विद्यालय में अनेक यांत्रिक आर्दष व औजार विकसित किये हैं जिसमें से कई प्रदर्षन घर में रखे हैं। कुछ आर्दष उत्पादन इकाइयों तक पंहुच कर किसानों को लाभान्वित कर रहे हैं।
भारतीय कृषि अभियन्ता परिषद् नई दिल्ली के अध्यक्ष डा. वी. एम. मियान्दे ने अपने उदबोधन में संरक्षित कृषि में अभियन्ताओं की सहभागिता पर विषेष आग्रह करते हुए कहा कि द्वितीय हरित क्रान्ति की रुपरेखा में बढ़ती हुई जनसंख्या के लिये अनाज उत्पादन में कृषि अभियन्ताओं का विषेष योगदान रहेगा। उन्होनें कहा कि भारतीय कृषि में विषमताओं को देखते हुए कृषि अभियन्ताओं के सामने बड़ी चुनौतियाँ है। देष के लघु एवम् मध्यम जोत वाले किसानांे तक तकनीकी हस्तान्तरण के साथ ही सामाजिक, अभियान्त्रिकी एवं तकनीकी सिफारिषों को सही प्रकार से लागू करने की आवष्यकता है।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में प्रौद्यागिकी एवं अभियांत्रिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता एवं संगोष्ठी के संयोजक डा. बी.पी. नन्दवाना ने सभी आगुन्तकों का स्वागत किया एवं महाविद्यालय की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने पर वर्ष पर्यन्त आयोजित किये जाने वाले एवमं महाविद्यालय के 50 वर्शो की उपलब्धियों की जानकारी देते हुऐ बताया कि भारतीय कृषि अभियन्ता परिषद् के 48 वें वार्षिक अधिवेषन के तहत आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी ‘‘संरक्षित कृषि में अभियान्त्रिकी सहभागिता‘‘ में कुल 15 तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया। इसमें फार्म मषीनरी एवं पावर के 2,खाद्य व डेयरी अभियान्त्रिकी के 2, नवीनतम ऊर्जा स्त्रोतों के 2 एवं जल मृदा सरंक्षण के 6 सत्रों में लगभग 200 अनुसंधान पत्रों का वाचन एवं चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त विद्यार्थीयों द्वारा प्रस्तुत षोध पत्र वाचन पर एक विषेश तकनीकि सत्र एवं एक सत्र पोस्टर पत्रों का आयोजित हुआ। उन्होने बताया कि इन सत्रों में देष विदेष से आये 200 से ज्यादा वैज्ञानिकों एवं अध्यापकों ने गहन चर्चा की ।
वार्षिक अधिवेषन के आयोजन के सहसचिव डा. अभय मेहता ने धन्यवाद ज्ञापित किया एवं कार्यक्रम का संचालन डा. दीपक षर्मा, प्राध्यापक एवं अध्यक्ष, नवीनीकरण ऊर्जा अभियान्त्रिकी विभाग ने किया। इस अवसर पर अमेरिका के डाॅ. ललित वर्मा, डाॅ. धरमेन्द्र सारस्वत, डाॅ. रमेष एस. तँवर, आस्ट्रेलिया के डाॅ. बसन्त महेष्वरी, जापान के

किषिड़ा, कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड, नई दिल्ली के सदस्य डाॅ. वी.एन. षारदा, डाॅ. नवाब अली, पूर्व उप महानिदेषक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद डाॅ. के.के. सिंह सहायक महानिदेषक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली, पंतनगर (उत्तराखण्ड) के राष्ट्रीय प्रोफेसर डाॅ. टी.सी. ठाकुर एवं आई. आई. टी. खड़गपुर के डाॅ. वी. के. तिवारी भी उपस्थित थे।

[Photos] श्रैष्ठ छात्रा चयन के साथ मयूरी महोत्सव का समापन

उदयपुर|  भूपाल नोबल्स स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय के त्रि-दिवसीय वार्षिक सांस्कृतिक महोत्सव मयूरी 2014 का श्रेष्ठ छात्रा चयन के साथ समापन हुआ । आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमान् यशपालसिंह जी सिसोदिया, विधायक, मन्दसौर (म.प्र) एवम् विशिष्ट अतिथि प्रसिद्ध रंगमंच व् चाणक्य धारावाहिक के लोकप्रिय कलाकार श्री चन्द्रप्रकाश द्विवेदी थें । कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर शिवसिंह जी सारंगदेवोत, कुलपति, जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ ने की । इस अवसर पर विद्या प्रचारिणी सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री प्रेमसिंह जी महासिंह जी का खेड़ा, सचिव प्रो. महेन्द्रसिंह जी आगरिया़, संयुक्त मंत्री पदमसिंह जी पाखण्ड, वित्तमंत्री श्री कृष्णसिहं जी कच्छेर, भूपाल नोबस्ल संस्थान के प्रबन्ध निदेशक डाॅ. निरंजन नारायण सिंह जी खोड, कार्यकारिणी सदस्य श्री मूलसिंह जी झीलवाड़ा, ओल्ड बाॅयज ऐसोसिएशन भूपाल नोबल्स संस्थान के अध्यक्ष श्री शक्तिसिंह जी कारोही, सदस्य ओल्ड बाॅयज श्री मानसिंह जी चुण्डावत तथा महाविद्यालय चैयरमैन श्री जीवनसिंह जी झामोली, छा़त्रावास चैयरमैन श्री राजेन्द्रसिंह जी ताणा उपस्थित थे।

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( आलीशा हुसैन तोपवाला श्रैष्ठ छात्रा)

समारोह में उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने माॅ सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रारंभ में पधारे हुए सभी महेमानों का परम्परागत ढंग से संस्थान एव महाविद्यालय परिवार द्वारा स्वागत-अभिनंदन किया गया तत्पश्चात् छात्रसंघ सांस्कृतिक सचिव सुश्री मांझल सारंगदेवोत ने गणमान्य अतिथियों का छात्रा संघ की ओर से स्वागत भाषण प्रस्तुत किया ।

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मुख्य अतिथि श्री यशपालसिंह जी सिसोदिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि मैं संस्थान परिसर मैं अपने आप को पाकर गौरवान्वित महसूस कर रहा हू जहाॅ मेवाड़ के पुरखों ने शिक्षा के क्षेत्र में इस संस्थान की नीवं रखी और उसे शिखर पर पहुंचाया। उन्होनें छात्राओं की प्रस्तुति और उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रतिस्पद्र्धा के इस युग में करो और मरों के नारे का स्थान करों और बढो ने ले लिया है इसलिए उन्होनें छात्राओं एव अभिभावकों से आह्वाहन किया कि उनकी बेटियाॅ एक ऐसे संस्थान में अध्ययन कर रही है जो अपने आप में नोबल है यहां से वे किसी भी क्षेत्र में शिक्षा अर्जित कर अपनी दिशा तय करने के साथ उत्तरोत्तर प्रगति की और अग्रसर हो सकती है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रेमसिंह जी महासिंह जी का खेड़ा ने छात्राओं का उत्साहवर्द्धन करते हुए संक्षिप्त उद्बोधन में यह कहा कि छोटे कलाकारों के बीच बडे कलाकार (चन्द्रप्रकाश द्विवेदी) का आना मयूरी मंच पर चार चांद लगाने जैसा प्रतित हो रहा है। फिल्मी निर्माता निर्देशक एवम् विभिन्न पुरस्कार प्राप्त डाॅ. चन्द्रप्रकाश द्विवेदी ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कन्याओं का हजारों साल पहले से चले आ रहे सम्मान को चरितार्थ करती हुए साहित्यिक शैली में सुन्दर वर्णन प्रस्तुत किया । अंत में अध्यक्ष महोदय श्री प्रोफेसर शिवसिंह जी सारंगदेवोत ने उत्कृष्ट प्रस्तुतियों के लिए छात्राओं को बधाई दी और कहा कि ये गौरव का विषय है कि हमारी संस्कृति और परम्परा यहां के प्रदर्शन के माध्यम से जीवंत बनी हुूई है और बनी रहेगी । उन्होनें संस्था सदस्यों एवं महाविद्यालय परिवार को भी बधाई एवं शुभकामनाऐ प्रेषित की ।

आज के कार्यक्रम में छात्राओं की सामूहिक नृत्य घूमर की प्रस्तुति के साथ ट्रायों डांस, एवं गजल गायन को पांडाल में उपस्थित श्रोताओं ने खुब सराहा । श्रेष्ठ छात्रा का चयन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा । श्रेष्ठ छात्रा का चयन एक निश्चित प्रक्रिया द्वारा किया जाता है जिसमें वर्ष भर में शैक्षणिक, सहशैक्षणिक, तथा वर्ष पर्यन्त होने वाली गतिविधियों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली छात्राओं में से अव्वल छात्राए चुनी जाती ह,ै जो मंच पर ज्यूरी के सम्मुख तीन चरणों में अपनी श्रेष्ठता को प्रदर्शित करती है। अंतिम चरण में पहुंचने वाली छात्राओं से ज्यूरी द्वारा किये जाने वाले सवालो के आधार पर एक सर्वश्रेष्ठ छात्रा का चयन किया जाता है । अतिथियों द्वारा श्रेष्ठ छात्रा आलीशा हुसैन तोपवाला को क्राउन पहनाकर सम्मानित करने के साथ् प्रथम व द्वितीय रनर अप दीपशिखा राठौड़, संजोली पालीवाल.. को भी सम्मानित किया गया । खेलकूद प्रतियोगिता में विजयी रही छात्राओं को नकद 1100/- की राशि के साथ ट्रेकसुट प्रदान किया गया तथा विश्व विद्यालय वरियता सूयी, एनसीसी, एनएसएस में विशेष योग्यता प्राप्त छात्राओं को अतिथियों ने पुरस्कार प्रदान किये।

कार्यक्रम के अंत में डाॅ. रेणु राठौड़, कार्यवाहक प्राचार्य, ने धन्यवाद की रस्म अदा की और आयोजन सचिव डाॅ. देवेन्द्र सिंह जी सिसोदिया ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन अंगे्रजी एव हिन्दी में क्रमश डाॅ. अपर्णा शर्मा व डाॅ. अनिता राठौड़ ने किया ।

कार्यक्रम परिणामः-
फैशन शोः-
प्रथम – पारूल धनक
द्वितीय – प्रियंका रघुवशी
तृतीय – दिव्या कुमावत

ड्यूट डांस फोकः-
प्रथम – बावरी ग्रृप
द्वितीय – बनी ठनी ग्रुप
तृतीय – रजवाड़ी गु्रप

Photos of Day 2

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मयूरी महोत्सव के दूसरे दिन फैशन शो एवं रिजनल प्रोसेशन की धुम

उदयपुर, भूपाल नोबल्स कन्या महाविद्यालय उदयपुर के वार्षिक सांस्कृतिक महोत्सव मयूरी के दूसरे दिन के मुख्य अतिथि श्री रामचन्द्र सिंह झाला, जिला मजिस्ट्रेट उदयपुर थें। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि श्री अनिल जी मिश्रा, जनरल मैनेजर, जे.के. टायर कांकरोली व सेना मेडल प्राप्त कर्नल मधुर गोयल थे । कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्या प्रचारिणी सभा के सचिव डाॅ. महेन्द्रसिंह जी आगरिया ने की । इस अवसर पर विद्या प्रचारिणी सभा के संयुक्त मंत्री श्री पद्म सिंह जी पाखण्ड, वित्तमंत्री श्री कृष्णसिंह जी कच्छेर,, कार्यकारिणी सदस्यगण, महाविद्यालय चैयरमैन प्रो. जीवन सिंह जी राणावत एवं भूपाल नोबल्स संस्थान के प्रबंध निदेशक डाॅ. निरंजन नारायण सिंह जी खोड उपस्थित थे।

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समारोह में उपस्थित गणमान्य अतिथियों का परम्परागत ढंग से संस्थान एवं महाविद्यालय परिवार द्वारा स्वागत एवं अभिनंदन किया गया । कार्यवाहक प्राचार्या डाॅ. रेणु राठौड़ ने कार्यक्रम के प्रारंभ में वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत कर संस्थान की उपलब्धियों से अतिथियों को अवगत करवाया । मुख्य अतिथि ने अपने उद््बोधन में छात्राओं का उत्साहवर्द्धन करते हुए छात्राओं की प्रस्तुतियों को सराहा तथा संस्थान की अनुशासनात्मक और नैतिक आचरण की परम्परा के निवर्हन की प्रशंसा करते हुए कुशल प्रबन्धन को सराहा । विशिष्ट अतिथियों ने छात्राओं को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर आगे बढने के लिए प्रेरित किया। श्री अनिल जी मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि यहां कि प्रस्तुतियों को देखकर मुझे सुखद अनुभूति हो रही है और प्रस्तुतिया पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव से पृथक भारतीय सांस्कृतिक धरोहर एवम परम्परा की जीवंत प्रदर्शन लगी। कार्यक्रम के दौरान गणमान्य अतिथियों ने शैक्षणिक एवं सहशैक्षािक गतिविधियों में अव्वल रही छात्राओ को पुरस्कृत भी किया

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आज के कार्यक्रम में माईम, मोनो एक्टिंग, ट्रायों डांस, म्यूजिकल ड्रामा, सोलो सोंग गजल, रिजनल प्रोसेशन, ड््यूट डांस वेस्टर्न एण्ड फोक, की धुम रही, ट्रायो डांस मे तीन लडकियों द्वारा मिक्स सोंग पर इस वर्ष छात्राओं द्वारा नवीन प्रस्तुति को खुब सराहा गया। रिजनल प्रोसेशन में छात्राओ के क्षेत्रीय तीज त्योहारों की सवारीयों का प्रदर्शन अनुठी प्रस्तुति थी जिसने पांडाल मे उपस्थिति सभी दर्शको एवं अतिथियों को मंत्र मुग्ध कर दिया और ऐसा प्रतीत हो रहा था मानों रंगों का त्यौहार होली का आगाज हो चुका है। आज का मुख्य आकर्षण फैशन शो रहा। फैशन शो की थीम एंजिल एण्ड डिमंस थी जिसमें छात्राओं ने श्रेष्ठ प्रस्तुतियाॅ प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया ।

कार्यक्रम के अंत में विद्या प्रचारिणी सभा के मानद मंत्री प्रो. महेन्द्र सिंह जी आगरिया ने धन्यवाद ज्ञापित किया तथा आयोजन सचिव डाॅ. देवेन्द्र सिंह सिसोदिया ने सबका आभार व्यक्त किया । कार्यक्रम का संचालन अंग्रेजी एवं हिन्दी में क्रमशः डाॅ. अपर्णा शर्मा एवं डाॅ. अनिता राठौड़ के साथ दिक्षा अधिकारी, भार्वी पारिख, एवं नवनिधी राणावत ने किया ।

 

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प्रयाग-2013 की आकर्षक प्रस्तुतियों में झूमा अभियांत्रिकी छात्र समुदाय

उदयपुर। 13 मार्च 2013 । प्रौद्योगिकी एवं अभियांत्रिकी महाविद्यालय में छः दिन से चल रहे सांस्कृतिक समारोह, ’प्रयाग-2013’ के अन्तर्गत एकल गायन, समूह गायन, पश्चिमी एवं पारम्परिक एकल नृत्य, समूह नृत्य एवं काॅमेडी सर्कस के आयोजन के साथ सुखाडि़या विश्वविद्यालय के सभागार में सम्पन्न हुआ ।

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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति माननीय डा. ओ पी गिल ने बताया कि तकनीकी उच्च शिक्षा में अध्ययनरत् छात्रों के मानसिक तनाव को दूर कर उनकी सांस्कृतिक एवं साहित्यिक दक्षताओं को दर्शाने एवं उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में निर्देशित करने हेतु इस तरह के सह-शैक्षणिक एवं तकनीकी कौशल के कार्यक्रमों का आयोजन अति आवश्यक है । उन्होंने महाविद्यालय की प्रशंसा करते हुए छात्र समुदाय से इसके सम्मान को बनाये रखने की अपील की । साथ ही उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में इस वर्ष प्रवेश लेने वाली छात्राओं की संख्या में 10 से 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई ।

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कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रौद्योगिकी एवं अभियांत्रिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डा. नरेन्द्र एस. राठौड़ ने अपने उद्बोधन भाषण में तकनीकी एवं अभियांत्रिकी छात्रों की सह-शैक्षणिक गतिविधियों की सराहना की । डाॅ. राठौड़ ने सम्पूर्ण व्यक्तित्व निर्माण में इस प्रकार की गतिविधियों की महत्ता बताते हुए छात्रों से अधिकाधिक संख्या में भाग लेने का आव्हान किया एवं अपनी शिक्षा को देश की आम जनता के हित में कार्य करने की प्रेरणा दी ।

कॉमेडी सर्कस ने हंसाया और नृत्य नाटिकाओं ने लुभाया

समूह नृत्य में विभिन्न प्रदेशों के लोकनृत्य, पारम्परिक नृत्य एवं फिल्मी नृत्यों का प्रदर्शन कर प्रतिभागियों ने दर्शक दीर्घा में बैठे दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया । सामाजिक प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए कन्या भ्रूण हत्या की निन्दा, महिलाओं के उत्थान हेतु झंासी की रानी, इन्दिरा गांधी, मदर टेरेसा, प्रतिभा पाटिल आदि की प्रेरणाओं को समूह नृत्य नाटिकाओं से प्रदर्शित किया तो छात्र समुदाय ने तालियों की गड़गड़ाहट से सभागार को गुंजायमान कर दिया । अन्य प्रस्तुतियों में होली के रंग, ढोली थारों ढोल बाजे, मानो तो भगवान नही ंतो पाषाण आदि प्रमुख रही ।

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कार्यक्रम में डा. मूर्तजाअली सलोदा, सहायक अधिष्ठाता (छात्र कल्याण) एवं सीएलएसयू के सलाहकार डा. हेमन्त मित्तल ने जानकारी दी कि बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के एकल गायन, समूह गायन, एकल नृत्य, समूह नृत्य आदि में भाग लेने के कारण पूर्व में ही स्क्रीन टेस्ट लेकर मेघावी छात्रों का चयन विभिन्न टीमों में किया गया ।
एकल गायन में प्रतिभागियों ने विभिन्न फिल्मी, गैर फिल्मी, देशभक्ति, राजस्थानी एवं दार्शनिक अन्दाज वाली कव्वाली, औरी चिरैया, डम डम मस्त है, होली के रंग के गीतो का गायन कर सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया ।
पारम्परिक एवं पश्चिमी वेशभूषा से सजे छात्र-छात्राओं ने एकल नृत्य प्रस्तुत कर अत्यधिक मनोरंजन का समा बांध दिया। एकल नृत्य में प्रतिभागियों ने मेरे ढोलना, अगले जनम मोहे बिटियाॅ ना कीजो, लागा चुंदरी में दाग, डाक बाबू लाया संदेश आदि की नृत्य नाटिकाओं द्वारा जीवन की आशा-निराशा, उतार-चढ़ाव को प्रदर्शित करते हुए उम्मीद का दामन ना छोड़ने का संदेश दिया और छात्र समुदाय को झूमने पर विवश कर दिया । विभिन्न प्रतिभागियों को छात्र समुदाय की तालियों और हुटिंग से सराहना मिली।

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समूह गायन में प्रतिभागियों ने तुझसे नाराज नहीं हैरान हॅू मैं, म्हारो राजस्थान, क्यों डरता है दिल, लेट द म्यूजिक प्ले, जय हो आदि विभिन्न आंचलिक, देशभक्ति एवं पारम्परिक गीतों का गायन किया व 1200 से अधिक दर्शकों ने तालियों की बौछार कर सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया ।
कार्यक्रम के अन्त में सहायक अधिष्ठाता (छात्र कल्याण) डा. मूर्तजाअली सलोदा ने सभी कमेटी प्रभारियों, उनके सदस्यों सभी कार्यकर्ताओं एवं सम्पूर्ण छात्र समुदाय का कार्यक्रम के सफलता पूर्वक समापन हेतु आभार व्यक्त किया ।

जवाब नहीं हाजिर जवाबी का – प्रयाग 2013

उदयपुर, 12 मार्च 2013 ! सीटीएई के तकनीकी एवं सांस्कृतिक संगम ’प्रयाग 2013’ के अन्तर्गत विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए महाविद्यालय के अधिष्ठाता डा. नरेन्द्र एस राठौड़ एवं छात्र संघ अध्यक्ष मयंक कुमार ने बताया कि सम्पूर्ण अभियांत्रिकी छात्र समुदाय अपनी विभिन्न सह-शैक्षणिक गतिविधियों में मशगूल है । तकनीकी ज्ञान से सम्बंधित प्रश्नोत्तरी में कुल 250 प्रतिभागियों ने उत्सुकता से भाग लिया एवं अपने ज्ञान कौशल का परिचय देते हुएहाजिर जवाबी से श्रोताओं, आयोजकों और निर्णायकों को आश्चर्य-चकित कर दिया । इसी प्रकार बाॅलीवुड की जानकारी से सम्बंधित मूवी मेनिया प्रतियोगिता में 120 अधिक प्रतिभागियों ने भाग लेकर अपने सिनेमा ज्ञान का प्रदर्शन किया । 

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आज सम्पन्न होने वाले अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रम ब्रिजमेकिंग में 90 से अधिक छात्रों ने अपनी अभिरूचि के अनुरूप विभिन्न प्रकार के पुलों का निर्माण किया जिनकी भार क्षमता का निर्णायकों ने आंकलन किया । छात्रों ने आशा के विपरित कम स्वभार की तुलना में कई गुना अधिक भार क्षमता वाले आईस्क्रीम स्टीक से बने अनेक प्रतिरूपों का सजीव प्रदर्शन किया । 50 से अधिक प्रतियोगियों ने मुख-चित्रण प्रतियोगिता में प्रकृति के बहुरंगी आयामों का चित्रण करते हुए अतुलनीय भारत, पर्यावरण सरंक्षण, शान्ति, सामाजिक एवं सांस्कृतिक विषयों का मुख चित्रण कर अचम्भित कर दिया ।
इसी प्रकार ट्रेजर हंट एवं गायन में 200 से अधिक छात्रों ने अपनी कला-कौशल का प्रदर्शन करते हुए एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी । तकनीकी पत्र वाचन में नई तकनीकियों को सचित्र सार सहित प्रदर्शित किया । कम्प्यूटर से सम्बंधित प्रतियोगिता ’नीड फोर स्पीड’ एवं काउंटर स्ट्राइक में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने अपने हुनर का प्रदर्शन किया ।
डाॅ. हेमन्त मित्तल, सलाहकार सीएलएसयू एवं डाॅ मूर्तजाअली सलोदा, सहायक अधिष्ठाता (छात्र कल्याण) ने बताया कि बुधवार को विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों यथा एकल गायन, समूह गायन, पश्चिमी एकल नृत्य, पारम्परिक एकल नृत्य, समूह नृत्य एवं यंत्र वादन एवं कोमेडी सर्कस के अन्तिम मुकाबलों के साथ ’प्रयाग 2013’ का समापन समारोह मोहनलाल सुखाडि़या विश्वविद्यालय के रंगमंच में प्रातः 9 बजे से प्रारम्भ होगा ।