पाठ्य पुस्तक ‘‘दि हाउण्ड ऑफ़ दि बास्करविल्स’’ का नाट्य मंचन

उदयपुर – एक नई शुरूआत और कुछ नया करने की चाह में सेंट एन्थोनी सी. सै. स्कूल ने नाट्यांश के सहयोग से किया पाठ्य पुस्तक ‘‘दि हाउण्ड ऑफ़ दि बास्करविल्स’’ का अंग्रेजी भाषा में नाट्य मंचन। यह नाट्य प्रस्तुति स्कूल परिसर में आज दिनांक 20.07.2013 को हुई।

The Hounds of Baskerville

यह पाठ्य पुस्तक ’’सर आर्थर कोनन डोयल द्वारा लिखित एक जासुसि उपन्यास हैं, जो विश्व प्रसिद्ध एवं काल्पनिक जासुस शरलोक होल्म्स की अनगीनत काहानियों में से एक हैं। सी.बी.एस.ई. के इस सत्र 2013-14 के 11वीं और 12वीं के अंग्रेजी विषय में इस उपन्यास को सम्मिलित किया गया हैं।
यह उपन्यास सर चाल्र्स बास्करविल की रहस्यमयी मृत्यु के इर्दगिर्द घुमता हैं और अंत में इस हत्या के रहस्य को शरलोक होल्म्स और उनका दोस्त जाॅन वाटसन सुलझा देते हैं।
स्कूल के प्रिसिंपल विलियन डिसुजा ने बताया कि इस जासुसी उपन्यास को नाटक के रूप में प्रस्तुत करना एक कठिन कार्य था। परन्तु 40 दिन कि कार्यशाला और छात्र-छात्राओं ने अपने अथक प्रयासों और हिम्मत से यह काम कर दिखाया। इस कार्यशाला में स्कूल के 30 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

The Hounds of Baskerville
शरलोक होल्म्स के किरदार में विनित शर्मा, जाॅन वाटसन-गुलशन कटारिया, डाॅ. मोर्टिमर-अन्नु कुमारी, सर हेनरी बास्करविल-प्रणय फतावत एवं खलनायक की भुमिका में जैक स्टेप्लटन – श्लोक पिम्पलकर और हाउण्ड – शुभम शर्मा ने अपने किरदार में अपनी अभिनय की छाप छोड़ी। सहयोगी कलाकारों में नेहा पुरोहित, रविश कावड़ीया, प्रतिभा सिशोदिया, पुजा देवानी, नितेश दाईमा, मोहक आहुजा, अमनदिप सिंह, मुकुल तलरेजा ने अपने अभिनय का लोआ मनवाया। मंच पाश्र्व में बलवन्त चैधरी नितिश सिंह राठौड़, रजत सनाढ्य, चित्रलेखा शास्त्री, आयुशी खराड़ी एवं जिज्ञासा परमार ने सहयोग किया।
इस उपन्यास का नाट्य रूपान्तरण, संगीत, परिकल्पना एवं निर्देशन नाट्यांश द्वारा किया गया।