Pictures of Jagannath Rath Yatra 2013

Yesterday Devotees witnessed Lord Jagannath on a Rath Yatra Event. The Rath Yatra event is carried out every year with thousands of devotees waiting to take a glimpse and blessing of Lord Jagannath. Here is a set of Pictures of this huge Holy event. We hope you commemorate these Pictures and Event through your UdaipurBlog.com.

Photos By Yash Sharma

Jagganath Rath Yatra , Udaipur, 2013

“चांदी रे रथ थे  चढो रे सांवरिया.. मनमोहक कर ल्यो श्रृंगार, सांवरिया री आरती
आरती संजोयिलो, चर्मृत लेई-लो, ले लो प्रभुजी रा नाम… सांवरिया री आरती “

Jagannath Dham Sector 7 Udaipur

“मात-पिता तुम मेरे , शरण गहुँ मैं किसकी…
तुम बिन और ना दूजा, आस करूँ मैं जिसकी.. “
जय जगदीश हरे…

सेक्टर सात से निकलने वाली रथयात्रा, जो मूल रथ यात्रा में शामिल होती है, किसी भी मायने में पुरी रथयात्रा से कम नहीं होती.. प्रभु जगन्नाथ, भ्राता बलराम और बहन सुभद्रा के विग्रह पुरी की याद दिला देते है. शहर में सबसे लंबी दुरी तय करके सेक्टर सात से पुराने शहर तक का सफर तय करके तीनो भाई-बहन  जगदीश जी की रथ यात्रा की शोभा बनते है. यह रथ यात्रा सेक्टर सात से प्रातः 11 बजे प्रारंभ होती है, जो मूल रथ यात्रा के समापन के पूरे तीन-चार घंटे बाद आधी रात को पुनः अपने स्थान पर जाकर विश्राम लेती है

jagannath Dham Sector 7
Photo By : Gajendra Pancholi

Mahant Bheem Singh Chouhan | Kaali kalyani Dhaam Tej Singh Bansi at Jagannath Dham Sector 7 Udaipur Jagganath Rath Yatra UdaipurRajni Dangi in Jagannath Rath Yatra Udaipur

Gulab Chand Katariya in Jagannath Rath yatra

Janak Arts Udaipur

Jagannath Rath Yatra Udaipur Photos Jagdish Chowk - Jagannath Rath Yatra Udaipur

Jagannath Rath Yatra Udaipur | Samor bagh | Jagannath Dham Sector 7

A Heart-full of Thanks to Administration of Udaipur
A Heart-full of Thanks to Administration of Udaipur

DSC_0184 (Large)

Jai Jagdish hare | Jagannath Rath Yatra

DSC_0271 (Large)

Udaipur

Maharana Mahendra Singh Ji MewarDSC_0206 (Large) Harish Rajani , Sunrise Udaipur Jai Jagannath in UdaipurDancing devotee in jagannath Rath Yatra UdaipurJagannath Rath Yatra udaipur

DSC_0314 (Large)

Jagannath Rath Yatra Udaipur Jagannath Rath Yatra Udaipur Jagannath Rath Yatra Udaipur Jagannath Rath Yatra Udaipur Jagannath Rath Yatra Udaipur

Jagannath Rath Yatra Udaipur

कृष्ण के विविध रंग सजे कृष्णाष्टमी पर

“नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की..!!”

“मुरली मनोहर श्री कृष्ण जी की जय..!!!”

कुछ ऐसे ही जयकारे आज पूरे देश ही नही अपितु पूरी दुनिया की फिज़ाओ में गुंजायमान हो रहे है जिनसे चारो ओर बस कृष्ण का ही नाम है, हर मुख पर कृष्ण की ही महिमा है, हर आँखों में कृष्ण की ही छवि है और हर कर्ण आज बस कृष्ण की मुरली की मधुर तानों को सुन रहे है… या यूँ कह ले की आज हर कोई कृष्ण के रंगों में रंगा हुआ…. और हो भी क्यों ना आज श्री कृष्ण जन्माष्टमी जो है; भादवा मास की कृष्ण पक्ष की वह मंगलमय अष्टमी  जब भगवान श्री कृष्ण देवकी और वासुदेव के नंदन के रूप में अवतारित हुए थे और उस घनघोर वर्षा वाली रात्रि में नन्द और यशोदा के घर भी अपार खुशियों की वर्षा कर दी थी…..

Jagdish_Mandir_Temple_Udaipur_Janmashtmi_2012

Shiv_Mandir_Sector_11_Udaipur_Janmashtmi_2012

कृष्ण के इन रंगों से हमारा उदयपुर कैसे अछूता रह सकता था… और जब नाथद्वारा और जगदीश मंदिर में कृष्णाष्टमी का रंग चढ़ता है तब के माहौल की छठा के तो क्या ही कहने… जगदीश मंदिर में सजी झांकी के दर्शन मध्यरात्रि में खुलते ही भक्तो का अम्बार लग गया, कान्हा के नाम के जयकारे गूंजने लगे और भगवन जगदीश की आरती कर उन्हें भोग लगाया गया और फिर भक्तो में प्रसाद बांटा गया. आज रात को दूध दही की हांड़ी को फोड़ने की प्रतियोगिता का आयोजन हुआ जिसमे सभापति रजनी डाँगी, प्रशांत अग्रवाल, हरीश राजनी  आदि अतिथि के रूप में शामिल हुए. बरसते हुए बादलों के बीच मटकी फोड़ने का आनंद दोगुना हो गया, हालांकि कुछ विलम्ब हुआ कार्यक्रम शुरू होने में पर फिर कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से वह मौजूद भक्तों का दिल जीत लिया . जगदीश चौक ॐ साईं राम ग्रुप ने झांकी सहित नृत्य प्रस्तुत किया. कृष्ण जन्मोत्सव में देश विदेश से आये  पर्यटकों ने लिया जमकर  आनंद . दीवाना ग्रुप के शाहनवाज़ [उदयपुर के बंटी] ने भजनों का ऐसा समां बंधा के वह उपस्तिथ लोग अपने आप को झूमने से नहीं रोक पाए, इन्द्र देव की कृपा बराबर भक्तों पे बनी रही उसी बीच दही हांडी फोड़ का कार्यक्रम शुरू हुआ , कुछ गीरे कुछ पड़े , फिर उठे फिर चढ़े और पूरी तरह उत्साहित होकर बार बार कोशिश की और फिर  चामुंडा ग्रुप, गोवेर्धन विलास से आई टोली  ने मटकी फोड़ी, जीतने वाले दल को Pacific University की तरफ से २१,००० रूपए नकद दिए  गए तथा ११००० रूपए का नकद पुरस्कार पंकज बोरना की तरफ से दिया गया.

Matki_Fod_Dahi_Haandi_Udaipur_Janmashtmi_2012

Matki_Fod_Dahi_Haandi_Udaipur_Janmashtmi_2012

पालनों में विराजित सजे-धजे लड्डू गोपाल, घरों के आँगन में बने नटखट बाल कृष्ण के नन्हे नन्हे कदम और साथ में रंगीली रंगोली, बरसते गुलाल और पानी की मार की बीच दही-हांड़ी और उसको फोड़ने के लिए ग्वालों की टोलियों में मची होड़ , कृष्ण जीवन की सजीली झाँकिया, रासलीला में सजता हुआ अलग ही संसार, दूध मलाई से बने पकवानों का भोग…. कितनी जीवन्तता है इस त्यौहार में, एक अलग ही हर्षो-उल्लास उमड़ता है; ठीक वैसा ही जैसा कृष्ण जी का जीवन था – कई रंगों को अपने में समेटे हुए, जीने की अदभुत कला सीखाने वाला और हर कठिन परिस्थिति से निकलने की राह दिखाने वाला. श्री कृष्ण जी में कुछ तो था जो उन्हें सबका चहेता बना देता है, हर किसी के दिल में बसते है वे – बच्चो के शरारती साथी, देवकी और यशोदा के लाल, वासुदेव और नन्द की आँखों के तारे, राधा के प्रिय, गोपियों के माखन चोर, सुदामा के मित्र और गोकुलवासियों के मन मोहन. उनका हर रूप उनके व्यक्तित्व का आईना था, हर आईने से अलग शिक्षा मिलती है.

Matki_Fod_Dahi_Haandi_Udaipur_Janmashtmi_2012

Matki_Fod_Dahi_Haandi_Udaipur_Janmashtmi_2012

Matki_Fod_Dahi_Haandi_Udaipur_Janmashtmi_2012

Matki_Fod_Dahi_Haandi_Udaipur_Janmashtmi_2012

Matki_Fod_Dahi_Haandi_Udaipur_Janmashtmi_2012

Matki_Fod_Dahi_Haandi_Udaipur_Janmashtmi_2012

Matki_Fod_Dahi_Haandi_Udaipur_Janmashtmi_2012

Matki_Fod_Dahi_Haandi_Udaipur_Janmashtmi_2012

Matki_Fod_Dahi_Haandi_Udaipur_Janmashtmi_2012
दुर्घटना की प्रतीक्षा में

Matki_Fod_Dahi_Haandi_Udaipur_Janmashtmi_2012

Choga Lal Bhoi - Mewar Channel - Udaipur
छोगा लाल जी भोई [मेवाड़ चैनल] का सम्मान किया गया
Matki_Fod_Dahi_Haandi_Udaipur_Janmashtmi_2012

याद है उनकी नटखट शरारते – कैसे वे माखन चुराते थे, कभी गोपियों की मटकिया फोड़ दिया करते थे तो कभी मिट्टी खाया करते थे; पर उनकी हर शरारत भी प्यारी लगती थी, गोपिया उनकी शिकायत तो किया करती थी पर साथ ही अपने घरों के दरवाज़े भी नन्दलाला के लिए खुला छोड़ दिया करती थी. इससे पता चलता है कि जब दिल साफ़ होता है तब हर गलती भी छोटी होती है. कृष्ण ने अपने बाल्यकाल में ही कई दानवो और बुरे लोगो का विनाश करा था और हमे ये सिखाया था कि विप्पत्ति चाहे कितनी भी बड़ी हो पर मन की हिम्मत से हर कठिन राह भी आसान हो जाती है. आज दोस्ती की परिभाषा बदल गयी है – फेसबुक, इन्टरनेट की बनावटी दुनिया में सखा साथी कही खो से गए है और दोस्ती में स्वार्थ, अहम् इतना बढ़ गया है कि कृष्ण-सुदामा जैसी दोस्ती जाने कहा खो गई है. अपने परिवार और नगरवासियों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहना, सभी का आदर सम्मान करना, हमेशा अपने हँसमुख स्वाभाव से सबको खुश रखना, आदि कई गुण थे कान्हा में. कलियुग की तथाकथित “Personality Development Classes ” से कई गुना ज्यादा सिखाता है कान्हा जी का जीवन….. जरुरत है तो बस उन्हें मन में बसाने की और उनके रंगों में रंग जाने की…

सेक्टर 11 शिव मंदिर में भी कन्हैया का जन्मोत्सव धूम धाम से मनाया गया. बाल गोपाल की झांकी बनायीं गयी, 20 सालों से चली आ रही परंपरा के अनुसार भजन संध्या का आयोजन भी  किया गया जिसमे सभापति रजनी डांगी और प्रमोद सामर ने कार्यक्रम का आनंद  लिया.

Shiv_Mandir_Triyambakeshwar_Mahadev_Udaipur_Janmashtmi_2012

Shiv_Mandir_Triyambakeshwar_Mahadev_Udaipur_Janmashtmi_2012

Shiv_Mandir_Triyambakeshwar_Mahadev_Udaipur_Janmashtmi_2012

Photos By : Yash Sharma
उदयपुरब्लॉग(UdaipurBlog.com) की ओर से सभी को जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाए…!!! जय श्री कृष्णा..!!! 🙂

 

Some More Photos by Chirag Mehta

Matki_Fod_Dahi_Haandi_Udaipur_Janmashtmi_2012_Chirag_Mehta

Matki_Fod_Dahi_Haandi_Udaipur_Janmashtmi_2012_Chirag_Mehta

Matki_Fod_Dahi_Haandi_Udaipur_Janmashtmi_2012_Chirag_Mehta

Matki_Fod_Dahi_Haandi_Udaipur_Janmashtmi_2012_Chirag_Mehta

जय श्री कृष्णा..!!!

Rainography 2012 – Monsoon finally arrives in Udaipur

It started with light rain showers when the clock ticked 1 a.m. late night; this series of rain showers continued till late evening today. After such a long wait we can finally say that monsoon has arrived, fulfilling the aspirations of the broken hearts which had left the hopes of Rain. To capture this beauty of Rain, I went down in the City to start with my Monsoon Photography Collection for UdaipurBlog – RainoGraphy 2012. 🙂 Do like, share and comment… 😉

 

Rainography_2012_Yash_Sharma

Rainography_2012_Yash_Sharma

Rainography_2012_Yash_Sharma

Rainography_2012_Yash_Sharma

Rainography_2012_Yash_Sharma

Rainography_2012_Yash_Sharma

Rainography_2012_Yash_Sharma

Rainography_2012_Yash_Sharma

Rainography_2012_Yash_Sharma

Rainography_2012_Yash_Sharma

Rainography_2012_Yash_Sharma

Rainography_2012_Yash_Sharma

Rainography_2012_Yash_Sharma

Rainography 2012 _ Udaipur

Rainography_2012_Yash_Sharma

Rainography_2012_Yash_Sharma

 

Just For Updates :-

It rained around : 25mm in Udaipur City, 175mm in Banswara, Dungarpur – 102mm, Jhadol – 9mm, Gogunda – 10mm, Sagwara – 188mm, Madar Bada – 6mm, Swaroopsagar – 19mm, Udaisagar – 16mm, Nai – 4mm, Kherwara – 40mm, Jaisamand – 69mm, Salumber – 62mm

 

Readers Clicks :

Sector 4 area, behind BSNL Office.

 

Sector 4 area, behind BSNL Office.

 

Sector 4 area, behind BSNL Office.

 

Photos by : Vikas Sharma

——-

Parag Pancholi - Lake Palace

Photo by : Parag Pancholi

 

If you have captured any Photos of Rain and want to display them here on UdaipurBlog.com then Email them on info@udaipurblog.com

Crime Matters not the Culprit

We and the people around us are very much influenced by celebrities and many of us follow them blindly and their every act whether done personally or professionally becomes a public issue. Apart from being worshipped and followed they are also accused recently for harming the ethical values and breaking the laws, an example of which can be quoted recently when allegations were put on Nation’s Youth Icon Ranbeer Kapoor for smoking publically.

But my matter of writing today is not why Ranbeer smoked publicly rather, the point is should this would be hyped in the same way if an ordinary common man would have smoked in public? Well, I think none of us would have even bothered to even give a second look to the unknown person who was doing it just as if we don’t know him so WHO CARES!!!

Social evils prevailing in our society are very much a concern for all the good citizen. If some influential person commits them, so should I assume that the common man is free to commit all the crimes without coming into notice. Practically speaking and closely analyzing our surrounding environment the case remains the same when it comes to other social evils too. If the judicial system treats every Indian equal, then why aren’t the issues shown below objectionable, even when we witness them quite often, and simply ignore them, as they aren’t our superstars.

  • Apart from smoking Udaipur really needs to focus on other crimes too like child labour. (Photo 1 and 2)
  • Local women washing clothes at Gangaur Ghat which is prohibited. (Photo 3)
  • Beer bottles used by local people drinking publicly without fear at Gangaur Ghat. (Photo 4)
  • The exact place where the superstar was found smoking. Seems it left an iconic influence on Udaipies. (Photo 5)
  • Leisure smoking by couple at Gangaur Ghat, This folk musician sits in this same place daily morning to evening but sad People never noticed this, only saw RANBIR KAPOOR.!!!!! (Photo 6)
  • Time 12.22 noon date 2/6/2012 men smoking at Jagdish Chowk, outside a temple where burning incense sticks is clearly visible. (Photo  7)
Photo 1

 

Photo 2

 

Photo 3

 

Photo 4

 

Photo 5

 

Photo 6

 

Photo 7

 

Wake up Udaipies. Realise before you repent!

 ————————-

About the Contributor: Niharika R. Sanadhya , aged 21, completed her graduation from Pacific College, and holds a diploma in MAAC Mumbai for Animation and Digital film making as well as First Class in photography from Sir J.J Institute of Applied Arts, Mumbai She holds a good work experience with Channel [V] and is a concerned resident of the city

 ————————-

Edited By: Monisha Talreja

श्री श्री रवि शंकर के आगमन पूर्व शहर में सत्संग

आर्ट ऑफ लिविंग के प्रणेता श्रीश्री रविशंकर  शुक्रवार को उदयपुर आएंगे। गुरु के आगमन पर बड़ी संख्या में शिष्य और अनुयायी अगवानी करेंगे। उनके सान्निध्य में 10 मार्च को शाम 06:30 बजे से B.N. College Ground में महासत्संग होगा।  महासत्संग में 80 हजार से ज्यादा लोग शामिल होंगे। आर्ट ऑफ लिविंग बैंगलुरु से आई प्रशिक्षिका ममता ने बताया कि सत्संग के साथ श्री श्री रविशंकर जिज्ञासुओं के प्रश्नों के उत्तर भी देंगे।
श्री श्री रवि शंकर कहते हैं कि सांस शरीर और मन के बीच एक कड़ी की तरह है जो दोनों को जोड़ती है। इसे मन को शांत करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। वे इस बात पर भी जोर देते हैं कि ध्यान के अलावा दूसरे लोगों की सेवा भी इंसान का करनी चाहिए। वे विज्ञान और आध्यात्म को एक-दूसरे का विरोधी नहीं, बल्कि पूरक मानते हैं। वे एक ऐसी दुनिया बनाने का प्रयत्न कर रहे हैं जिसमें रहने वाले लोग ज्ञान से परिपूर्ण हो ताकि वे तनाव और हिंसा से दूर रह सकें।

sri-sri-ravi-shankar-Udaipur

 श्रीश्री के आगमन के पूर्व शहर में सत्व की जागृति के लिए नियमित रूप से अलग-अलग स्थानों पर सत्संग संध्याओं का आयोजन किया जा रहा है ।

Art of Living | Udaipur
सेक्टर-7 स्थित जगन्नाथ धाम में सत्संग

Videos :

Maharana Mewar Foundation 31st Annual Awards Distribution Ceremony 2012

Today The Maharana Mewar Foundation 31st Annual Award Distribution Ceremony was held at The Manek Chowk, The City Palace Complex, Udaipur.

City Palace, Udaipur

On this occasion, the Maharana of Mewar Charitable Foundation honoured not only eminent
personalities but also citizens from all over the country. The ceremony started with the presentation of
certificates to students from schools and universities in Udaipur and across the State of Rajasthan. This was followed by the main Ceremony when the awardees gathered on the dais to receive their awards from Shriji
Arvind Singh Mewar of Udaipur, Chairman and Managing Trustee of Maharana of Mewar Charitable
Foundation, Udaipur.

Here are some Photos of the Royal Evening ,
Colonel James Tod Award- Dr.Andrew Topsfield
Haldi Ghati Award – Ms. Harinder Baweja
Haldi Ghati Award – Dr. Gulab Khotari

 

Hakim Khan Sur Award – Mr. Rahul Bose

 

Maharana Udai Singh Award – Dr. Parth Sarathi Roy

 

Panna Dhai Award – Dr. Mandakini Amte & Dr. Prakash Amte

 

Maharana Mewar Award – Mrs. Aruna Singhania Dalmia

 

Maharana Mewar Award – Dr. Kirti kumar Jain

 

Maharana Kumbha Award – Dr. Nand Kishore Acharya

 

Maharana Sajjan Singh Award – Mr. Gopal SainiDagar Gharana Award – Pt. Chiranji Lal Tanwar
Dagar Gharana Award – Mr. Kesari Chand Maloo

 

Rana Punja Award – Mr. Masru Lal Khair

 

Aravali Award – Ms. Deepa Malik

 

Aravali Award – Mr. Ashok Menaria

“I am in love with Udaipur” – Rahul Bose

© Udaipurblog

The Royal Extravaganza 2012, Hotel Rajmahal Bhindar

Hotel Rajmahal Bhindar Udaipur

By now, you people must be totally aware of the name, the Hotel Rajmahal Bhindar.

As the main promoter, the UdaipurBlog invites you to attend the inaugural-cum-New Year party of the palace hotel with the regal touch of a 434 years old culture – The Royal Extravaganza 2012!

http://www.facebook.com/events/230738283662621/

Along with a variety of snacks, drinks, hookah & a multi-variety cuisine;  the other attractions of the party are a rock concert by the youth band Aks & DJ handling by the very talented DJ Dev (the 4th DJ of DJ Aqeel).

Entry based on passes:

  • Stag: 1100 INR
  • Couple: 2100 INR

Passes are available at:
94.3 My FM
opposite U.I.T. Saheli Marg

Or you may contact:

Hotel Rajmahal Bhindar: 9783539255
Kalpit Rajak: 9950862996
Yash Sharma: 9462623445, 9772900819

Choose the best for the start of your new year. And at this place; we guarantee you a quality service.

Bhindar is just an hour’s drive on a smooth & safe road. You may also avail night-stay facility in case you need.
Contact Hotel Rajmahal Bhindar for more details or queries.

Relive the grandeur of the extravagant cultural heritage.  We’re sure it’ll be a relishing memory in the upcoming years.

: Directions to Hotel Rajamahal Bhindar :

Directions to hotel rajamahal bhindar

श्रीनाथ जी : विशेष मनोरथ आज से

श्रीगोवर्धननाथ पाद युगलं हैयंगवीनप्रियम्‌,
नित्यं श्रीमथुराधिंप सुखकरं श्रीविट्ठलेश मुदा ।
श्रीमद्वारवतीश गोकुलपति श्रीगोकुलेन्दुं विभुम्‌,
श्रीमन्मन्मथ मोहनं नटवरं श्रीबालकृष्णं भजे ॥

आचार्य चरण, प्रभुचरण सहित सप्त आचार्य वर्णन-
श्रीमद्वल्लभविट्ठलौ गिरिधरं गोविंदरायाभिधम्‌,
श्रीमद् बालकृष्ण गोकुलपतिनाथ रघूणां तथा
एवं श्रीयदुनायकं किल घनश्यामं च तद्वंशजान्‌,
कालिन्दीं स्वगुरुं गिरिं गुरुविभूं स्वीयंप्रभुंश्च स्मरेत्‌ ॥

श्रीजी को धराये गए छप्पन भोग, दर्शन… (साभार: श्यामा स्टूडियो)
नवनीतप्रिय जी (लालन प्रभु) दर्शन… (साभार: श्यामा स्टूडियो)

अखिल भारतीय पुष्टिमार्गीय वैष्णव संप्रदाय की प्रधान पीठ श्री नाथद्वारा में  आगामी तीन दिनों तक विशेष मनोरथ का आगाज़ आज से होगा. तिलकायत महाराज श्री विशाल बावा के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में ये मनोरथ आयोजित किया जा रहा है| श्रीनाथ मंदिर मंडल से udaipurblog.com को मिली जानकारी के अनुसार पहले दिन आज श्रीजी को छप्पन भोग धराया जायेगा | छप्पन भोग पर श्रीजी को विशेष श्रृंगार और राजभोग दर्शन में अनूठा वागा (वस्त्र) धारण करवा कर लाड लड़ाए जायेंगे. श्रीनाथजी के सभी दर्शन पूर्व नियोजित कार्यक्रम अनुसार ही होंगे. छप्पन भोग के लिए श्रीनाथजी की रसोई में विशेष तैयारियों के साथ पकवान बनाये जा रहे हैं किन्तु उसकी जानकारी गोपनीय रखी गयी है. तर्क दिया जाता है कि श्रीजी का स्वरुप बाल कृष्ण स्वरुप है और किसी बालक को खिलाये जाने वाले भोजन की जानकारी यदि माता किसी को दे तो बालक को “नज़र” लगने का भय होता है.

मनोरथ के दुसरे दिन लालन नवनीतप्रिया जी मंदिरजी से टाटोल गौशाला विहार हेतु पधारेंगे. तीसरे दिन वहीँ लालन को सोने के बंगले की झांकी का मनोरथ होगा. लालन को सोने के बंगले में विराजित करवाया जायेगा. दो दिवस तक लालन श्रीजी के गौओं के बीच विहार करेंगे. टाटोल गौशाला आने जाने के लिए मंदिर मंडल की ओर से बस स्टेंड, नाथद्वारा से सीधी निशुल्क बस सेवा उपलब्ध होगी.

मंदिरजी पर तिलकायत के जन्मोत्सव पर विशेष पंचरंगी ध्वजा चढ़ाई जाएगी. अनूठे श्रृंगार के बीच पुष्प चढ़कर लड़ लड़ाए जायेंगे. लालन को झुला झुलाया जायेगा. तीन दिवस तक श्रीजी के भी विशेष दर्शन होंगे. सप्त दर्शन समय यथावत रहेंगे. मंगला प्रातः 5 – 5.15AM बजे, श्रृंगार 7 – 7.15AM  बजे, ग्वाल 8.30 – 8.40AM , राजभोग 11.40-12.15 PM, उत्थापन दर्शन सायं 3.45- 4.00PM बजे, भोग 5- 5.05PM , आरती 6.00-6.15 PM  शयन (गुप्त) दर्शनों का समय रहेगा.
आगामी तीन दिनों तक वैष्णव नगरी पूर्ण रूप से श्रीजी के मनोरथ रंग में रंगी नज़र आएगी.

प्रथम दर्शन: मंगला
द्वितीय दर्शन: श्रृंगार
तृतीय दर्शन: ग्वाल
चतुर्थ दर्शन: राजभोग
पंचम दर्शन: उत्थापन
सायंकालीन दर्शन: भोग
आरती दर्शन

उल्लेखनीय है कि पुष्टि मार्ग में भगवान कृष्ण के उस स्वरूप की आराधना की जाती है जिसमें उन्होंने बाएँ हाथ से गोवर्धन पर्वत उठा रखा है और उनका दायाँ हाथ कमर पर है।
श्रीनाथ जी का बायाँ हाथ 1410 में गोवर्धन पर्वत पर प्रकट हुआ। उनका मुख तब प्रकट हुआ जब श्री वल्लभाचार्यजी का जन्म 1479 में हुआ। अर्थात्‌ कमल के समान मुख का प्राकट्य हुआ।
1493 में श्रीवल्लभाचार्य को अर्धरात्रि में भगवान श्रीनाथ जी के दर्शन हुए।साधू पांडे जो गोवर्धन पर्वत की तलहटी में रहते थे उनकी एक गाय थी। एक दिन गाय ने श्रीनाथ जी को दूध चढ़ाया। शाम को दुहने पर दूध न मिला तो दूसरे दिन साधू पांडे गाय के पीछे गया और पर्वत पर श्रीनाथजी के दर्शन पाकर धन्य हो गया। दूसरी सुबह सब लोग पर्वत पर गए तो देखा कि वहाँ दैवीय बालक भाग रहा था। वल्लभाचार्य को उन्होंने आदेश दिया कि मुझे एक स्थल पर विराजित कर नित्य प्रति मेरी सेवा करो। तभी से श्रीनाथ जी की सेवा मानव दिनचर्या के अनुरूप की जाती है। इसलिए इनके मंगला, श्रृंगार, ग्वाल, राजभोग, उत्थापन, आरती, भोग, शयन के दर्शन होते हैं। कालांतर में मुस्लिम आतातियों के निरंतर आक्रमणों और मीरा बाई को दिए वचन के चलते श्रीजी मेवाड़ पधारे और पहले घसियार और बाद में श्रीनाथद्वारा में पधारे. तभी से श्रीनाथद्वारा वैष्णवों का प्रमुख तीर्थ स्थल है.

Article By : Arya Manu  (आर्य मनु)

Hotel Rajmahal Bhindar – A Closer View

A chance to visit the 434 years old Imperial Palace, The Rajmahal Bhindar– awaiting its grand opening as a hotel this 31st; made it possible for us to bring to our readers some exclusive interior pics of the hotel. Though due to some final renovations, we could not bring you the whole photographic panorama (which we personally promise to bring you soon)  we’re still sure to delight you with the clicks we got.

A perfect drive on a smooth, green surrounded way… And the  candle light settings  amidst the royal backdrop make it one of the finest upcoming hotels of Udaipur- A perfect romantic destination!
Don’t miss the chance to be a part of this splendid celebration, surely going to be a historical remembrance in a few years.

Make your New Year start with a regal pulse-  The Royal Extravaganza 2012!

Photos by:-  Yash Sharma

यहाँ देवी करती है अग्नि-स्नान

उदयपुर शहर से 60 कि.मी. दूर कुराबड- बम्बोरा मार्ग पर अरावली की विस्तृत पहाड़ियों के बीच स्थित है मेवाड़ का प्रमुख शक्ति-पीठ इडाना माता जी. राजपूत समुदाय, भील आदिवासी समुदाय सहित संपूर्ण मेवाड़ की आराध्य माँ.

इडाना माता जी

स्थानीय लोगों में ऐसा विश्वास है कि लकवा से ग्रसित रोगी यहाँ माँ के दरबार में आकर ठीक होकर जाते हैं. माँ का दरबार बिलकुल खुले एक चौक में स्थित है. ज्ञात हुआ कि यहाँ देवी की प्रतिमा माह में दो से तीन बार स्वतः जागृत अग्नि से स्नान करती है. इस अग्नि स्नान से माँ की सम्पूर्ण चढ़ाई गयी चुनरियाँ, धागे आदि भस्म हो जाते हैं. इसी अग्नि स्नान के कारन यहाँ माँ का मंदिर नहीं बन पाया. माँ की प्रतिमा के पीछे अगणित त्रिशूल लगे हुए है. यहाँ भक्त अपनी मिन्नत पूर्ण होने पर त्रिशूल चढाने आते है. साथ ही संतान की मिन्नत रखने वाले दम्पत्तियों द्वारा पुत्र रत्न प्राप्ति पर यहाँ झुला चढाने की भी परम्परा है. इसके अतिरिक्त लकवा ग्रस्त शरीर के अंग विशेष के ठीक होने पर रोगियों के परिजनों द्वारा  यहाँ चांदी या काष्ठ के अंग बनाकर चढ़ाये जाते हैं.

प्रतिमा स्थापना का कोई इतिहास यहाँ के पुजारियों को ज्ञात नहीं है. बस इतना बताया जाता है कि वर्षो पूर्व यहाँ कोई तपस्वी बाबा तपस्या किया करते थे. बाद में धीरे धीरे स्थानीय पडोसी गाँव के लोग यहाँ आने लगे.

कभी बिलकुल बीहड़ में स्थित इस शक्ति-पीठ में इन दिनों काफी विकास कार्य हुए हैं. ” श्री इडाना माँ मंदिर ट्रस्ट के सरंक्षक श्री लवकुमार सिंह कृष्णावत (कुराबड) ने बताया कि विगत कुछ वर्षों में भामाशाहों के सहयोग एवं मंदिर के चढ़ावे से यहाँ धर्मशाला निर्माण, गौशाला निर्माण, रोगियों को मुफ्त भोजन एवं आवास सहित और कई जनोपयोगी कार्य करवाए गए हैं.

प्रमुख स्थल- माँ का दरबार, अखंड ज्योति दर्शन, धुनी दर्शन, गौशाला, विस्तृत भोजनशाला, रामदेव मंदिर आदि.
प्रमुख दर्शन – प्रातः साढ़े पांच बजे प्रातः आरती, सात बजे श्रृंगार दर्शन, सायं सात बजे सायं आरती दर्शन यहाँ प्रमुख दर्शन हैं.  इस शक्ति पीठ की विशेष बात यह है कि यहाँ माँ के दर्शन चौबीस घंटें खुले रहते है. सभी लकवा ग्रस्त रोगी रात्रि में माँ की प्रतिमा के सामने स्थित चौक में आकर सोते है. दोनों नवरात्री यहाँ भक्तों की काफी भीड़ रहती है. इसके अतिरिक्त सभी प्रमुख त्यौहार यहाँ धूमधाम से मनाये जाते है.


कैसे पहुचें-  सूरजपोल से प्रातः उपनगरीय बस सेवा उपलब्ध. इसके अतिरिक्त कुराबड-बम्बोरा  मार्ग पर जाने वाले वाहनों से बम्बोरा पहुचकर वहा से जीप द्वारा शक्तिपीठ पंहुचा जा सकता है. स्वयं के वाहनों से जाने पर देबारी- साकरोदा- कुराबड- बम्बोरा होते हुए शक्ति पीठ पंहुचा जा सकता है. (दुरी- 60  किलोमीटर)

Article By : Arya Manu