Categories
News

उदयपुर में 5 से 7 मार्च तक बिखरेंगे थियेटर के रंग

इला अरूण, लिलेट दुबे, विक्रांत मिश्रा सहित कई नामी कलाकार करेंगे दर्शकों  का मनोरंजन

उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर के  दर्शकों पर थिएटर फेस्टिवल का जादू मार्च के पहले सप्ताह में चलने वाला है। यह उत्सव दर्शकों के लिए जीवन के सभी रंगों का आनंद लेने के लिए एक इमर्सिव अनुभव सुनिश्चित करेगा। 5 से 7 मार्च तक परफोर्मिंग आर्ट क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तियों द्वारा लिखित, निर्देशित और प्रदर्शित किए जाने वाले 3 दिवसीय थियेटर फेस्टिवल की तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।

आयोजक अहसास महिला समूह ने बताया कि स्व. डॉ. प्रभा खेतान ने कोलकाता में प्रभा खेतान फाउंडेशन की स्थापना की थी। फाउंडेशन पूरे भारत में साहित्य, प्रदर्शन कला, सांस्कृतिक विरासत और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए समर्पित होकर काम कर रहा है। संगठन भारत और विदेशों में 40 शहरों में सक्रिय है। प्रभा खेतान फाउंडेशन अपनी पहल “चलचित्र रंगमंच“ के तहत 3 शक्तिशाली और मार्मिक नाट्य प्रस्तुतियों के साथ उदयपुर में 3 दिवसीय थियेटर फेस्टिवल लेकर आया है।

फाउंडेशन ने कोविड -19 महामारी के कारण लॉकडाउन के लंबे अंतराल के बाद इस उत्सव को पूरी सावधानी से आयोजित किया है। यह भारत के समान विचारधारा वाले संगठनों, लोगों और अहसास महिलाओं की सहायता से भारत और विदेशों में कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए निरन्तर कार्यरत है।

रेडिसन होटल में होने वाले थियेटर फेस्टिवल में इस क्षेत्र की दिग्गज लिलेट दुबे और इला अरुण अभिनय के परिचित नाम केके रैना, विक्रांत मिश्रा, इरा दुबे, जॉय सेनगुप्ता, मार्क बेनिंगटन, ऋषि खुराना, प्रणव सचदेव जैसे वरिष्ठ कलाकारों के साथ तीन समकालीन मंच नाटकों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगी।

Lockdown Liasionsउत्सव का पहला दिन शोभा डे द्वारा लिखित लॉकडाउन लिएज़ोन्स के साथ शुरू होगा। यह नामी भारतीय अभिनेता और थिएटर निर्देशक लिलेट दुबे द्वारा निर्देशित नाटक 5 लघु कथाओं के संग्रह पर आधारित है। कोविड के समय पर आधारित नाटक जीवन और मानवीय संबंधों की असुरक्षा से संबंध रखता  है। स्टार कास्ट में लिलेट दुबे,  इरा दुबे और जॉय सेनगुप्ता शामिल हैं।

Devika Raniदूसरे दिन भारतीय लेखक और स्तंभकार किश्वर देसाई द्वारा लिखित देविका रानी का प्रदर्षन होगा।। भारत की पहली अंतरराष्ट्रीय स्क्रीन दिवा देविका रानी के जीवन पर आधारित एक अद्भुत नाटक का निर्देशन लिलेट दुबे द्वारा किया गया है। देविका रानी बॉम्बे टॉकीज फिल्म स्टूडियो चलाने वाली पहली महिला हैं। इसकी स्टार कास्ट में इरा दुबे, जॉय सेनगुप्ता, मार्क बेनिंगटन और ऋषि खुराना शामिल हैं।

Yeh Raste Hain Pyar Keथियेटर फेस्टिवल के तीसरे दिन इला अरूण द्वारा लिखित ये रास्ते हैं प्यार के नाटक  प्रदर्शित किया जाएगा। इला अरुण लोक और लोक-पॉप संगीत की शैली में एक विश्व स्तरीय नाम है। नाटक का निर्देशन केके रैना ने किया है। इला अरुण ने एक भयंकर महामारी के अनिश्चित समय में दो बुजुर्गों की एक सुंदर कहानी बुनी है, जो अपने खाली जीवन के अलगाव से मुक्त होने के लिए बेताब हैं। स्टार कास्ट में इला अरुण, केके रैना और विक्रांत मिश्रा शामिल हैं।

इस उत्सव में देषभर के विभिन्न शहरों से अहसास समूह की महिलाओं द्वारा भी भाग लिया जाएगा। अहसास जीवन के सभी क्षेत्रों की समान विचारधारा वाली महिलाओं का समूह है जो समाज को बढ़ावा देने और समर्थन करने के लिए काम करता है।

उदयपुर की अहसास महिलाएं स्वाति अग्रवाल, श्रद्धा मुर्डिया, मूमल भंडारी, कनिका अग्रवाल, रिद्धिमा दोशी और शुभ सिंघवी उदयपुर में इस उत्सव की मेज़बानी कर रही हैं।

 

 

Categories
Events News

दादू की याद में ‘Rangaanjali’

dadu

‘दादू’ !! आज भी इसी नाम से पूरा उदयपुर श्री हेमंत पंड्या ‘दादू’ को याद करता है। प्रख्यात रंगकर्मी, अभिनेता, निर्देशक, बांसुरी वादक और न जाने क्या-क्या। जीवन के कई रंग थे ‘दादू’ में। शायद तभी इसे ‘रंगांजलि’ नाम दिया गया। सन् 2005 में ‘दादू’ के ही शिष्यों के द्वारा शुरू किया ये थिएटर फेस्टिवल इस साल अपने 10 बरस पुरे करने जा रहा है। ‘रंगांजलि’ पूरी तरह से ‘दादू’ और उनके किये गए कार्यो को समर्पित है। अच्छी बात ये है कि फेस्टिवल किसी भी तरह से आर्थिक लाभ के लिए नहीं किया जाता है। ये उनके शिष्यों द्वारा उन्हें ट्रिब्यूट देने की एक छोटी सी कोशिश है।

हर वर्ष की तरह इस बार भी ‘नादब्रम्ह’ संस्था उदयपुर वासियों के लिए ‘रंगांजलि’ आयोजित करवा रहा है। इस साल ‘रंगांजलि’ में प्रभा दीक्षित लिखित कहानी ‘अन्दर आना मना है’ का नाटकीय रूप में मंचन किया जायेगा। इस नाटक को शहर के ही जाने-माने रंगकर्मी श्री शिवराज सोनवाल डायरेक्ट कर रहे है। ये नाटक इसी महीने की 10 तारीख़ को शिल्पग्राम के ‘दर्पण सभागार’ में खेला जायेगा। इस नाटक का ये तीसरा शो होगा इससे पहले यही टीम संगीत नाटक अकादमी के ‘रंग प्रतिभा थिएटर फेस्ट’ और जवाहर कला केंद्र, जयपुर में अपनी प्रस्तुति दे चुकी है। ‘नादब्रम्ह’ संस्था तीन बार ‘ॐ शिवपुरी’ थिएटर फेस्ट जा चुकी है। इस टीम से निकले थिएटर आर्टिस्ट आज की तारीख़ में दिल्ली, मुंबई में उदयपुर का नाम रोशन कर रहे है। इस बार ‘रंगांजलि’ के 10वे अवसर पर शहर के रंगकर्मी थोड़े भावुक ज़रूर है पर उत्साह में किसी भी प्रकार की कमी नहीं दिख रही है, और यही उत्साह उनके द्वारा दी जानी परफॉरमेंस में आप सभी शहर वासियों को भावनात्मक रूप से जोड़ने का प्रयास करेगा, जैसा ‘दादू’ के साथ देखने को मिलता था।

आइये एक नज़र डालते है ‘रंगांजलि’ के अब तक के सफ़र पर :-

2005 – मन-मरिचिका

2008 – रहोगी तुम वही, रोटी का जाल, हवालात

2009 – शब्द-बीज

2010 – मुग़लों ने सल्तनत बख़्श दी, तीतर

2011 – कोर्ट मार्शल

2012 – मन मरिचिका, माँ मुझे टेगौर बना दो

2014 – कोर्ट मार्शल

2015 – आख़िर इस मर्ज़ की दवा क्या है?

2016 – संक्रमण, सबसे सस्ता गोश्त

2017 – अन्दर आना मना है !

10, सितम्बर शाम 7 बजे

दर्पण सभागार, शिल्पग्राम, उदयपुर

Invitation Card