कृष्ण के विविध रंग सजे कृष्णाष्टमी पर

“नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की..!!”

“मुरली मनोहर श्री कृष्ण जी की जय..!!!”

कुछ ऐसे ही जयकारे आज पूरे देश ही नही अपितु पूरी दुनिया की फिज़ाओ में गुंजायमान हो रहे है जिनसे चारो ओर बस कृष्ण का ही नाम है, हर मुख पर कृष्ण की ही महिमा है, हर आँखों में कृष्ण की ही छवि है और हर कर्ण आज बस कृष्ण की मुरली की मधुर तानों को सुन रहे है… या यूँ कह ले की आज हर कोई कृष्ण के रंगों में रंगा हुआ…. और हो भी क्यों ना आज श्री कृष्ण जन्माष्टमी जो है; भादवा मास की कृष्ण पक्ष की वह मंगलमय अष्टमी  जब भगवान श्री कृष्ण देवकी और वासुदेव के नंदन के रूप में अवतारित हुए थे और उस घनघोर वर्षा वाली रात्रि में नन्द और यशोदा के घर भी अपार खुशियों की वर्षा कर दी थी…..

Jagdish_Mandir_Temple_Udaipur_Janmashtmi_2012

Shiv_Mandir_Sector_11_Udaipur_Janmashtmi_2012

कृष्ण के इन रंगों से हमारा उदयपुर कैसे अछूता रह सकता था… और जब नाथद्वारा और जगदीश मंदिर में कृष्णाष्टमी का रंग चढ़ता है तब के माहौल की छठा के तो क्या ही कहने… जगदीश मंदिर में सजी झांकी के दर्शन मध्यरात्रि में खुलते ही भक्तो का अम्बार लग गया, कान्हा के नाम के जयकारे गूंजने लगे और भगवन जगदीश की आरती कर उन्हें भोग लगाया गया और फिर भक्तो में प्रसाद बांटा गया. आज रात को दूध दही की हांड़ी को फोड़ने की प्रतियोगिता का आयोजन हुआ जिसमे सभापति रजनी डाँगी, प्रशांत अग्रवाल, हरीश राजनी  आदि अतिथि के रूप में शामिल हुए. बरसते हुए बादलों के बीच मटकी फोड़ने का आनंद दोगुना हो गया, हालांकि कुछ विलम्ब हुआ कार्यक्रम शुरू होने में पर फिर कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से वह मौजूद भक्तों का दिल जीत लिया . जगदीश चौक ॐ साईं राम ग्रुप ने झांकी सहित नृत्य प्रस्तुत किया. कृष्ण जन्मोत्सव में देश विदेश से आये  पर्यटकों ने लिया जमकर  आनंद . दीवाना ग्रुप के शाहनवाज़ [उदयपुर के बंटी] ने भजनों का ऐसा समां बंधा के वह उपस्तिथ लोग अपने आप को झूमने से नहीं रोक पाए, इन्द्र देव की कृपा बराबर भक्तों पे बनी रही उसी बीच दही हांडी फोड़ का कार्यक्रम शुरू हुआ , कुछ गीरे कुछ पड़े , फिर उठे फिर चढ़े और पूरी तरह उत्साहित होकर बार बार कोशिश की और फिर  चामुंडा ग्रुप, गोवेर्धन विलास से आई टोली  ने मटकी फोड़ी, जीतने वाले दल को Pacific University की तरफ से २१,००० रूपए नकद दिए  गए तथा ११००० रूपए का नकद पुरस्कार पंकज बोरना की तरफ से दिया गया.

Matki_Fod_Dahi_Haandi_Udaipur_Janmashtmi_2012

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पालनों में विराजित सजे-धजे लड्डू गोपाल, घरों के आँगन में बने नटखट बाल कृष्ण के नन्हे नन्हे कदम और साथ में रंगीली रंगोली, बरसते गुलाल और पानी की मार की बीच दही-हांड़ी और उसको फोड़ने के लिए ग्वालों की टोलियों में मची होड़ , कृष्ण जीवन की सजीली झाँकिया, रासलीला में सजता हुआ अलग ही संसार, दूध मलाई से बने पकवानों का भोग…. कितनी जीवन्तता है इस त्यौहार में, एक अलग ही हर्षो-उल्लास उमड़ता है; ठीक वैसा ही जैसा कृष्ण जी का जीवन था – कई रंगों को अपने में समेटे हुए, जीने की अदभुत कला सीखाने वाला और हर कठिन परिस्थिति से निकलने की राह दिखाने वाला. श्री कृष्ण जी में कुछ तो था जो उन्हें सबका चहेता बना देता है, हर किसी के दिल में बसते है वे – बच्चो के शरारती साथी, देवकी और यशोदा के लाल, वासुदेव और नन्द की आँखों के तारे, राधा के प्रिय, गोपियों के माखन चोर, सुदामा के मित्र और गोकुलवासियों के मन मोहन. उनका हर रूप उनके व्यक्तित्व का आईना था, हर आईने से अलग शिक्षा मिलती है.

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दुर्घटना की प्रतीक्षा में

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Choga Lal Bhoi - Mewar Channel - Udaipur
छोगा लाल जी भोई [मेवाड़ चैनल] का सम्मान किया गया
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याद है उनकी नटखट शरारते – कैसे वे माखन चुराते थे, कभी गोपियों की मटकिया फोड़ दिया करते थे तो कभी मिट्टी खाया करते थे; पर उनकी हर शरारत भी प्यारी लगती थी, गोपिया उनकी शिकायत तो किया करती थी पर साथ ही अपने घरों के दरवाज़े भी नन्दलाला के लिए खुला छोड़ दिया करती थी. इससे पता चलता है कि जब दिल साफ़ होता है तब हर गलती भी छोटी होती है. कृष्ण ने अपने बाल्यकाल में ही कई दानवो और बुरे लोगो का विनाश करा था और हमे ये सिखाया था कि विप्पत्ति चाहे कितनी भी बड़ी हो पर मन की हिम्मत से हर कठिन राह भी आसान हो जाती है. आज दोस्ती की परिभाषा बदल गयी है – फेसबुक, इन्टरनेट की बनावटी दुनिया में सखा साथी कही खो से गए है और दोस्ती में स्वार्थ, अहम् इतना बढ़ गया है कि कृष्ण-सुदामा जैसी दोस्ती जाने कहा खो गई है. अपने परिवार और नगरवासियों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहना, सभी का आदर सम्मान करना, हमेशा अपने हँसमुख स्वाभाव से सबको खुश रखना, आदि कई गुण थे कान्हा में. कलियुग की तथाकथित “Personality Development Classes ” से कई गुना ज्यादा सिखाता है कान्हा जी का जीवन….. जरुरत है तो बस उन्हें मन में बसाने की और उनके रंगों में रंग जाने की…

सेक्टर 11 शिव मंदिर में भी कन्हैया का जन्मोत्सव धूम धाम से मनाया गया. बाल गोपाल की झांकी बनायीं गयी, 20 सालों से चली आ रही परंपरा के अनुसार भजन संध्या का आयोजन भी  किया गया जिसमे सभापति रजनी डांगी और प्रमोद सामर ने कार्यक्रम का आनंद  लिया.

Shiv_Mandir_Triyambakeshwar_Mahadev_Udaipur_Janmashtmi_2012

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Photos By : Yash Sharma
उदयपुरब्लॉग(UdaipurBlog.com) की ओर से सभी को जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाए…!!! जय श्री कृष्णा..!!! 🙂

 

Some More Photos by Chirag Mehta

Matki_Fod_Dahi_Haandi_Udaipur_Janmashtmi_2012_Chirag_Mehta

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जय श्री कृष्णा..!!!

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