ईशा अम्बानी की शादी के चलते जियो स्पीड चौगुनी हो सकती है, शहर के युवाओं में ख़ुशी की लहर

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उदयपुर की जनता में इन दिनों भयंकर कन्फ्यूज़न चल रहा है। ख़ासकर युवा-वर्ग बहुत ज्यादा प्रभावित है। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि ‘राजस्थान विधानसभा चुनाव’ पर फ़ोकस किया जाए या अंबानी परिवार की लाडली की शादी पर।

7 दिसंबर को ‘विधानसभा चुनाव’ है और 8-9-10 दिसंबर को “ईशा अंबानी-आनंद पीरामल” के प्री-वेडिंग प्रोग्राम। शहर में दोनों ही अति-महत्वपूर्ण कार्यक्रम के चलते तैयारियां भी जोर-शोर से की जा रही है। जहाँ बड़े-बुज़ुर्ग प्रत्याशियों के जाति-गौत्र, उनके ब्राह्मण-दलित, अपर कास्ट-लोअर कास्ट होने का हिसाब लगा रहे हैं तो वहीं युवा-वर्ग नए कपड़ों, डीयो की आदि के मोलभाव में उलझा नज़र आ रहा है। कुछ तो इन तीन दिनों तक डबोक एअरपोर्ट पर ही रहने वाले है।

लेकिन इन सब के बीच कुछ जागरूक युवा भी है जो समस्याओं की लिस्ट बना रहे है। एक ने बताया कि कुछ मुद्दे बहुत ही गंभीर हैं जैसे:

  • उदयपुर में कई जगहों पर जियो ढंग से नहीं चलता। ढीकली रोड, दुर्गानर्सरी रोड, ओल्ड-सिटी के कुछ स्थानों पर जियो स्पीड 2g जितनी ही आ पाती है? इस वजह से उन्हें Airtel और Vodafone वालों से हॉटस्पॉट लेना पड़ता है।
  • पुराने शहर के युवाओं में आक्रोश ज्यादा है, वो कहते हैं हिरन मगरी वालों में ऐसा क्या है जो उनके 5 mbps की स्पीड आ जाती है? अब क्या हम ‘Game Of Thrones’ का नया सीजन डाउनलोड करने हिरन मगरी जायेंगे?
  • कुछ की जियो स्मार्टफोन को लेकर भी शिकायतें है।
  • कुछ के ये भी सवाल थे कि सरकार बदलते ही जियो के इन्टरनेट प्लान्स भी महंगे हो जायेंगे?

हमारे यह पूछने पर कि आप अपनी शिकायतें पहुचायेंगे कैसे? तो एक ने कहा हम लिफ़ाफ़े में 151 रुपयों की जगह एक कागज़ पर अपनी शिकायतें लिख कर देंगे और स्वागत-द्वार पर खड़े मुकेश अंबानी और नीता अंबानी को पकड़ा आयेंगे।

लेकिन जब हमनें उन दुखी युवाओं को बताया कि मुकेश अंबानी डबोक एअरपोर्ट पर आते ही उदयपुर के प्रभावित जगहों पर जियो स्पीड चौगुनी करने की घोषणा कर सकते हैं तो उनकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा।

उत्साहित जनता
घोषणा सुनते ही खुश हुए

कई युवा अलग-अलग टोली बनाकर शहर के अति-व्यस्तम चौराहों पर पटाखे फोड़ते हुए, जियो कॉलरट्यून पर नाचते हुए नज़र आए। इस प्रकार से जश्न मनाने से पार्टी कार्यकर्ताओं में उलझन की स्थिति पैदा हो गयी। उन्हें लगा चुनाव हुए नहीं, परिणाम आया नहीं, तो कौनसी पार्टी जीत का जश्न मना रही है? इन सब उधेड़बुन के बीच वो भी साथ में नाचने लग गए।

बाद में आपसी वार्तालाप करने से स्थिति साफ़ हुई, सारे कन्फ्यूज़न दूर हुए तब जाकर वो फिर से प्रचार-प्रसार में मशगूल हुए।

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