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आरएनटी में खुलेंगे नए दवा केंद्र, उपकरणों के ख़राब होने पर उपचार के लिए नहीं करना पड़ेगा इंतजार

RNT medical college betterment

राजस्थान के 52 मेडिकल कॉलेजो में करीब 241 दवा वितरण केंद्र खोले जाएंगे। इसके लिए निदेशालय ने हाल ही आदेश जारी किये हैं। इन केन्द्रो में से उदयपुर के 21 केंद्र आरएनटी मेडिकल कॉलेज में खुलेंगे। नए केंद्र खुलने के बाद यह संख्या 41 हो जाएगी। प्रदेशभर के केंद्रों के लिए प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी हो चुकी हैं। इन केंद्रों पर कंप्यूटर कर्मी, फार्मासिस्ट, हेल्पर आदि सहित 3-3 के स्टाफ की नियुक्ति होगी, ऐसे में 723 पद भरे जाएंगे। उदयपुर के 21 दवा वितरण केंद्रों पर 21 फार्मासिस्ट,21 कंप्यूटर कर्मी और 21 ही हेल्पर नियुक्त किये जाएंगे इससे मरीजों और तीमारदारों के कार्य में आसानी होगी। आरएनटी मेडिकल कॉलेज के अधीन 6 अस्पतालों में अभी 20 केंद्र हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग ग्रुप प्रथम के संयुक्त शासन सचिव इक़बाल खान ने पांच दिन पहले राजकीय मेडिकल कॉलेजों और राजमैस सोसाइटी के तहत संचालित मेडिकल कॉलेजों में संविदा के आधार पर 3413 पद भरने का आदेश जारी किया गया था। ये पद नर्सेज और वार्ड अटेंडेंट के होंगे। उदयपुर के आरएनटी के लिए 317 पद मंजूर किये गए हैं।

हर केंद्रो को कंप्यूटर-फर्नीचर व उपकरणों के लिए 3.30 लाख रुपए दिए जाएंगे।
नए दवा वितरण केन्द्रो में प्रत्येक के लिए 3.30 लाख रुपए निर्माण कार्यो के लिए होंगे , जबकि 1.30 लाख रुपए कंप्यूटर, फर्नीचर और अन्य उपकरण खरीदने के लिए मंजूर किये गए है। ऐसे में पुरे प्रदेश में 4.82 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। उदयपुर के लिए 69.30 लाख रुपए मिलेंगे।

औसत 12 लाख रोगी को हर साल मिलेगी राहत।
महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय संभाग का सबसे बड़ा हॉस्पिटल है। यंहा उदयपुर, प्रतापगढ़ , चित्तौडग़ढ़ ,राजसमंद, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, समेत पडोसी राज्य गुजरात और मध्यप्रदेश से हर साल औसत 12 लाख मरीज इलाज करवाने आते है। इस वजह से यहाँ का दवा वितरण केंद्रो पर भी मरीजों की भीड़ लगी रहती है। कही बार मरीजों को दवा के लिए घंटो लाइनों में खड़ा रहना पड़ता है। नए केन्द्रो की शुरुआत और स्टाफ बढ़ने से मरीज़ो और तीमारदारों को दवाई के लिए भटकने जरुरत नहीं होगी।

एमबी जैसी व्यवस्था को पुरे प्रदेश में लागू करने को कहा था सीएम ने।
उदयपुर के एमबी अस्पतालों की व्यवस्थाओ जैसा मॉडल पुरे प्रदेश में लागू होगा। जोधपुर के डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज की 13 सदस्यीय टीम उदयपुर पहुंची और आरएनटी मेडिकल कॉलेज के एमबी अस्पताल का निरिक्षण किया। टीम ने वार्डो, दवा वितरण केंद्र आदि की प्रणाली देखी और चर्चा की। सीएम अशोक गहलोत पिछले दिनों उदयपुर आए थे तब उन्होंने एमबी में भर्ती मरीज़ो व तीमारदारों से सुविधाओं और योजनाओं पर बात की थी। बाद में सीएम ने ऐसी व्यवस्था पुरे प्रदेश में लागु करने को कहा।

कंपनी करेगी कम समय में मशीनें ठीक।
आरएनटी मेडिकल कॉलेज में अब यदि कोई भी चिकित्सालय उपकरण ख़राब होता है तो जल्द से जल्द ठीक हो जाएगा। राज्य सरकार के स्तर पर मुख्यमंत्री बजट घोषणा के अनुरूप केटीपीएल कंपनी को सरकार के स्तर पर यह कार्य सौंपा गया है। ये शुरुआत इसलिए की गई है ताकि अलग-अलग कंपनियों के माध्यम से अलग अलग मशीनों को ठीक करने में कई महीने लग जाते थे। ऐसे में मरीजों का उपचार प्रभावित होता था अब एकमात्र कंपनी यह कार्य करेगी तो काम समय में जल्द से जल्द ये तकीनीकी उपकरण ठीक हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री बजट घोषणा के अनुरूप सरकार ने एक ही कंपनी को सौंपा काम।
आरएनटी मेडिकल कॉलेज सम्बन्ध पांचो हॉस्पिटलों में 341 तरह कई 5387 उपकरण है,इनम से किसी के भी बिगड़ने पर भी ठीक किया जा सकेगा। इसमें एक्स -रे, सिटी- स्कैन, एमआरआई, वेंटीलेटर सहित अन्य उपकरण शामिल है। इसमें हाइड्रोक्लोरिक बेड व अन्य छोटे मोटे उपकरण शामिल नहीं किये गए।

ख़ास बात यह है की नए उपकरण है जो जहाँ से खरीदे गए है, वहां से तय समय तक गारंटी – वारंटी पीरियड में है। लेकिन जैसे ही तय अनुबंध समय पूर्ण होगा तो उनके बिगड़ने पर ठीक करने का काम केटीपीएल का होगा। कई कई महीनों तक उपकरण ठीक नहीं होने से मरीजों को अन्य प्राइवेट हॉस्पिटलों की और दौड़ना पड़ता था और ऊँचे दाम देकर अपना इलाज करवाना पड़ता था।

यह निर्णय राज्य सरकार के स्तर पर लिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार के उपकरण की खराबी पर ज्यादा दिन तक मरीजों को परेशान नहीं होना पड़े। पहले अलग – अलग कम्पनियों के कारण कई प्रकार की परेशानी आती थी। कई कई महीनो तक इंजीनियर्स नहीं पहुंचे थे ,लेकिन इस निर्णय का लाभ ये होगा की कोई भी उपकरण यदि बिगड़ता है तो हमें केवल कंपनी में बात करनी है, वह कंपनी अपने स्तर पर जल्द से जल्द इंजीनियर्स उपलब्ध करवाएगी।

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